मुजफ्फरनगर। जिले के स्थायी व अस्थाई गौ आश्रय स्थलों के साथ कांजी हाउस में संरक्षित गाय-बछड़ों को वर्षभर सूखा चारा के रूप में भूसा उपलब्ध कराने में समस्या न हो, इसके लिए सस्ते दर पर मिल रहे भूसे के साथ जिला प्रशासन दान में भूसा लेकर भूसा बैंक बनाने जा रहा है। जनपद में भामाशाहों की तलाश के साथ लोगों से दान में भूसा मांगने के लिए इस बार अधिकारी-कर्मचारी गांव-गांव जाएंगे। योगी सरकार की पहल पर जनपद में गौवंश सुरक्षित व संरक्षित रखने में काऊ सेंचुरी एवं तीन कांजी हाउस के साथ स्थायी व अस्थाई गौ आश्रय स्थलों को मिलाकर 65 गौशाला संचालित हैं, जिनमें वर्तमान में कुल 6,818 गौवंश संरक्षित हैं। शासन स्तर से इन गौवंशों के भरण पोषण के लिए 40 हजार 445 क्विंटल भूसा क्रय किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि संरक्षित करने का लक्ष्य 58 हजार क्विंटल तय किया गया है।
योगी सरकार द्वारा गौवंश के सरंक्षण के लिए जारी शासकीय पत्र में वर्षभर इन गौवंशों का पेट भरने के लिए सूखे चारे के रूप में 58 हजार क्विंटल भूसे की इस बार जरुरत अनुमानित की है। इसमें 17 हजार क्विंटल भूसे का स्टॉक 31 मई तक दान के माध्यम से एकत्रित करने का लक्ष्य बनाया गया है। उक्त अधिकारी-कर्मचारियों को दान में भूसा प्राप्त करने की खातिर ग्राम प्रधान के नेतृत्व में समिति बनेगी, जिसमें ग्राम पंचायत सचिव, लेखपाल व अन्य संबंधित कर्मचारी होंगे। समिति के सदस्य इस दौरान गांव-गांव ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य माल वाहन के साथ ग्राम सभा में भ्रमण कर भूसा दान में प्राप्त करेंगे और लोगों को दान में भूसा देने के लिए इस दौरान प्रेरित भी करेंगे। वहीं बड़े दानदाताओं से भूसा प्राप्त करने के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम, तहसीलदार व बीडीओ संपर्क करेंगे। साथ ही लोगों को इस अभियान से जोड़ने के लिए भूसा दान लेने के बाद उन्हें इस बीच सम्मानित भी करेंगे। इनके योगदान से लोग प्रेरणा लें, इसके लिए इन्हें प्रचारित किया जाएगा। भूसा दान देने वाले सभी किसानों का नाम रजिस्टर में दर्ज होगा।
इन्होंने कहा-
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जितेन्द्र गुप्ता ने बताया कि शासन के निर्देश के क्रम में डीएम उमेश मिश्रा ने भी सभी संबंधित को लक्ष्य के अनुरूप दान में भूसा प्राप्त करने के प्रयास में जुटने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि थोड़ी मेहनत से जनपद में भूसा बैंक बन जाएगा तो गौशालाओं के संचालन में आसानी रहेगी। उन्होंने बताया कि जनपद में काऊ सेंचुरी के अलावा दो नगर पालिका एवं 9 नगर पंचायतों में गौ आश्रय स्थल संचालित हैं, इसके अलावा जनपद में 51 गौशालाएं ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित हैं, जिनमें वर्तमान में 6 हजार 818 गौवंश मौजूद है। उन्होंने बताया कि जनपद में 1964 गौवंश ों1296 लाभार्थियों को इस बीच सुपुर्दी में दिया गया है। इन गौवंशों के पालन पोषण के लिए सरकार की ओर से प्रति गौ वंश 50 रुपए अनुदान रूप में प्रति दिवस के हिसाब से दिए जाते हैं। इसके अलावा ग्रामीण अंचलों में संचालित गौशालाओं में 16 रुपए प्रति गौवंश दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि जनपद के पुरकाजी क्षेत्र में संचालित काऊ सेंचुरी में वर्तमान में 2253 गौवंश है।






