मुजफ्फरनगर। नगर के लक्ष्मण बिहार में रविवार को भव्य शोभायात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारम्भ किया गया। इस दौरान कथा से पूर्व में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश रखकर बैंड बाजे की धुनों पर नृत्य करते हुए गलियों से भ्रमण करते हुए बड़ी संख्या में लोग कथा स्थल पर पहुंचे। कथा स्थल पर कलश स्थापना के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।
व्यासपीठ से कथा व्यास पं. गंगोत्री तिवारी मृदुल जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि हमारे पूर्व जन्मों के पुण्य जब उदित होते हैं, तब हमें भगवत कथा करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। जिसके कुल खानदान में अगर एक बार श्रीमद्भागवत का आयोजन हो जाता है तो उसके सात जन्मों के पूर्वजों का उद्धार हो जाता है। व्यास जी ने गोकर्ण धुंधकारी के प्रसंग को श्रवण कराते हुए कहा कि धुंधकारी उच्च कुल में जन्म लेकर जब नीच कर्म किया तो उसे प्रेत योनि प्राप्त हुई। ऐसे में गोकर्ण महाराज ने उसे भागवत कथा श्रवण कराकर प्रेतत्व योनि से मुक्ति दिलाई। इस अवसर पर संजय वर्मा व आलोक वशिष्ठ ने सपत्नीक मुख्य यजमान की भूमिका निभाते हुए भागवत जी व व्यास जी का पूजन कराया। इस दौरान मुख्य रूप से एनके तनेजा, सत्यप्रकाश गोयल, गायत्री वर्मा, गीता वर्मा, पूजा मलिक, मुनेश मलिक, अर्जुन तिवारी, दया शंकर तिवारी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धाालु उपस्थित रहे।






