मुजफ्फरनगर। बीते दिवस चेयरपर्सन के निरीक्षण की जद में आए मामले ने पालिका में हड़कंप मचा दिया है। स्वास्थ्य विभाग के गैराज में हुए निरीक्षण में कबाड़ में मिली कम्पोस्ट मशीन को स्थापित नहीं कराने व कबाड़ बनाने के मामले में ईओ पालिका ने मशीन खरीद से लेकर कबाड़ होने तक पहुंचने के मामले में जांच बैठा दी। इसके साथ मशीन स्थापित करते हुए संचालन कराने के निर्देश दिए हैं। उक्त मशीन शहर से निकलने वाले किचन वेस्ट कम्पोस्ट में बदलने की योजना के तहत खरीदा गया था। इसमें 15वें वित्त के अन्तर्गत प्राप्त धनराशि से स्वास्थ्य विभाग ने दो मशीनों की खरीद का प्रस्ताव किया था।
नगरपालिका में किस हद तक लापरवाही है यह बात बीते दिवस चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के टाउनहाल परिसर में निरीक्षण में उजागर हो गया, जहां पर स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में जिम्मेदारों की अनदेखी से पालिका में 10 लाख रुपए से अधिक की धनराशि से जिस कम्पोस्ट मशीन को खरीद वेजिटेबिल वेस्ट से खाद बनाने की योजना को शुरू करने की कवायद की थी, उसी मशीन को कबाड़ कर दिया गया। चेयरपर्सन के निरीक्षण में कबाड़ में पड़ी मिली कम्पोस्ट मशीन की खरीद और इसके स्टोर तक पहुंचने के मामले में ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने जांच बैठा दी है। इसके लिए उन्होंने एनएसए को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। वहीं निर्माण विभाग को उक्त मशीन को स्थापित कराते हुए संचालन के निर्देश भी दिए हैं।
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि चेयरपर्सन के निरीक्षण में बीते दिवस कबाड़ में मिली लाखों रुपये कीमत की कम्पोस्ट मशीन मामले में पत्रावली तलब की है। इसकी खरीद उनके कार्यकाल से पूर्व 15वें वित्त में नवम्बर 2023 में की गई, लेकिन इसके बाद इसके अधिष्ठापन के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार या विभाग स्तर पर कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई और मशीन की आपूर्ति लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग के गैराज में पहुंचा दिया था, जो गंभीर लापरवाही प्रदर्शित करता है। इसके लिए एनएसए की जवाबदेही थी। इस संबंध में उनको नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है कि मशीन आपूर्ति के बाद करीब 14 माह से इसे स्थापित क्यों नहीं कराया गया और यह कबाड़ में क्यों डाल दी। इसके साथ इस मशीन को अधिष्ठापित कराने में एई निर्माण अखंड प्रताप सिंह को निर्देशित किया है वो व्ययानुमान बनाकर रुड़की रोड एमआरएफ सेंटर पर इसे लगवाने की कार्यवाही करें, ताकि किचन वेस्ट से कम्पोस्ट बनाने का काम किया जा सके। इसके साथ इसके बेहतर संचालन के लिए एसबीएम प्रबंधक से भी सुझाव मांगे गए हैं।






