हाड़ कंपा देने वाली सर्द हवाओं ने लोगों को किया बेहाल

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मुजफ्फरनगर। बीते सप्ताह मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद से उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। जिसमें पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर के साथ वेस्ट यूपी अत्यधिक प्रभावित हैं। वहीं, मुजफ्फरनगर में भी ठंड का यह प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मौसम की ऐसी स्थिति बिना किसी राहत के इस सप्ताह तक बने रहने की संभावना से सर्दी का असर तेज हो सकता है। बीते दिवस रिमझिम बारिश के बाद बीते दो दिनों से मुजफ्फरनगर का हाल बहुत ही बुरा है, जिसमें मंगलवार को कुछ क्षण ही सूर्यदेव के दर्शन होने के बाद छिप जाने से घरों से बाजारों तक लोगों का बुरा हाल देखने को मिला। मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में मंगलवार को दिन का पारा 18.4 से घटकर 14.8 हो गया, जबकि न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री के साथ ही आर्द्रता 90 प्रतिशत दर्ज की गई।
मौसम में जारी बदलाव के बीच दिल्ली-एनसीआर के साथ जिले में हाड़ कंपा देने वाली सर्दी का प्रकोप कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। समूचे उत्तर भारत के साथ वेस्ट यूपी में जारी पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवाएं पहाड़ों की ढलानों से तेज होकर मैदानी इलाकों में बहने लगती हैं। हालांकि, इस बीच आसमान में धुंध छाए रहने के कारण ही न्यूनतम तापमान में तो तेजी से गिरावट नहीं हो रही है, लेकिन ठंड का एहसास सूर्यदेव के दर्शन न देने के कारण काफी हद तक बढ़ गया है। कोहरा और बर्फीली हवााएं दिन के तापमान को बढ़ने से रोक रही हैं, जिससे तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है। वर्तमान में तमाम मैदानी क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य रहते हुए 10-15 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मंगलवार को इन्हीं हालातों के बीच बाजारों से घरों तक कड़ाके की सर्दी के बीच लोग एवं दुकानदार अलाव, बिजली के हीटर एवं अन्य तमाम माध्यमों के बूते सर्दी से बचाव का जुगाड़ तलाशते रहे। वहीं सायं ढलने के साथ नगरीय क्षेत्र में 37 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था के साथ बेघर व गरीब लोगों को रैन बसेरों में सुरक्षित रखने के लिए अफसरों की टीम नगरपालिका व नगर पंचायतों में भ्रमण पर निकल गई है। बाजारों में भी मंगलवार होने के कारण जो दुकानें खुली हुई थी, उनके शटर भी सायं होते-होते गिरते चले गए। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कड़ाके वाले ठंडे दिन की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, रात के तापमान में तेज गिरावट नहीं होने के कारण भीषण शीत लहर चलने की संभावना नहीं है। क्योंकि रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस या उससे कम नहीं हो सकता है। एक के बाद एक आने वाले पश्चिमी विक्षोभ न्यूनतम तापमान में किसी भी तेज गिरावट रोकेंगे। लेकिन सप्ताहांत और अगले सप्ताह की शुरूआत में भयंकर ठंड की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है। अभी उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में इस सप्ताह ठंडे और बेहद ठंडे दिन की स्थिति बनी रहेगी। कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट जारी रहेगी, जबकि रात के पारे में बड़ा बदलाव नहीं होगा। सप्ताहांत तक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

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