मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में चकबन्दी कार्यों की खराब प्रगति के कारण विशेष सचिव राजस्व एवं अपर आयुक्त चकबंदी अनुराग पटेल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में चकबन्दी कार्यों की समीक्षा की। कार्यो में लापरवाही बरतने के चलते जहां तत्कालीन चकबंदी अधिकारी के अलावा दो चकबंदी लेखपाल व चकबंदी कर्ता के निलंबन किए जाने की संतुष्टि की। वहीं चकबंदी की लंबित प्रक्रिया को 15 दिनों में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
विकास भवन सभागार में संपन्न समीक्षा बैठक में चकबन्दी कार्य की प्रगति खराब पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अपर आयुक्त ने चकबंदी प्रक्रिया में गति लाने और समस्या निदान के अधीनस्थों को निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में धारा 23, 27 व 52 के तहत क्रमश: 18 ग्राम, 4 ग्राम व 4 ग्राम के सापेक्ष धारा 23, 27 व 52 तीनों धाराओं में मात्र एक ग्राम की प्रगति हुई है। जो बहुत खराब है। ग्राम अटाली 40 वर्ष से चकबन्दी प्रक्रिया में लंबित है, जिसमें धारा 20 का प्रकाशन दिनांक 4 अक्टूबर, 2010 को हुआ। चक आवंटन के विरूद्ध प्राप्त कुल 227 चक आपत्तियों का निस्तारण चकबन्दी अधिकारी द्वारा 6 वर्ष बाद नहीं किया गया है। जिसके लिये दोषी तत्कालीन चकबन्दी अधिकारी अनुज सक्सैना को आरोप पत्र निर्गत कर अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की गयी। वहीं 34 वर्ष पुराने ग्राम टोडा में उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश को निरस्त कराने तथा याचिका के शीघ्र निस्तारण को तत्कालीन चकबन्दी अधिकारी द्वारा कोई सार्थक प्रयास नहीं किए जाने से ग्राम की प्रगति बाधित हुई है। वहीं ग्राम आलमपुर में स्वत्व-विभाजन संबंधी 85 निगरानी व मुथरा में 36 व पीपलशाह में 04 निगरानी का निस्तारण करने को उप संचालक चकबंदी को निर्देश दिए। ढिढावली में 10 वर्ष पूर्व धारा 10 का 29.04.2017 में प्रकाशन होने के बाद भी आकार पत्र 23 तैयार नहीं होने से चक निर्माण कार्य प्रभावित होने से चकबंदी कर्ता शिवराज सिंह को निलंबित कर कार्यवाही करने के लिए डीएम-जिला उप संचालक चकबन्दी को रिपोर्ट करने तथा अनिरूद्ध शर्मा चकबंदी लेखपाल एवं दूधली में ग्राम 30.04.17 को धारा 10 के प्रकाशन के बाद आकार पत्र 23 तैयार न करने को दोषी सहेन्द्र कुमार चकबन्दी कर्ता, अर्जुन सिंह चकबंदी लेखपाल को निलंबित करते हुए अनुशानात्मक कार्यवाही करने को बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को निर्देश दिए। ग्राम सम्भलहेडा में चक निर्माण कार्य 14.05.18 को होने के बाद 85 चक आपत्तियों का निस्तारण न करने से ग्राम की प्रगति बाधित है, जिसके लिए उत्तरदायी तत्कालीन चकबन्दी अधिकारी गिरिश चन्द के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की गयी। वहीं 05 वर्ष से अधिक समय से लम्बित वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी व चकबन्दी अधिकारी मुजफ्फरनगर को निर्देशित किया गया। वहीं ग्राम सभा की भूमि से अतिक्रमण 15 दिवस के भीतर हटाने को बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी को निर्देश दिए। बैठक में व चंकबंदी अधिकारी रेहान अहमद सिद्दीकी समेत सभी चकबंदी लेखपाल, चकबंदी कर्ता, सहायक चकबंदी अधिकारी, चकबन्दी अधिकारी व बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी उपस्थित रहे।






