मुजफ्फरनगर। लखपति महिला कार्यक्रम अंतर्गत जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक गुरूवार को विकास भवन सभागार में डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। लखपति दीदी स्वयं सहायता समूह की एक ऐसी सदस्य हैं, जिनकी इस बीच वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपए या इससे अधिक है। इस आई की गणना कम से कम 4 कृषि मौसमों या 4 व्यापार चक्र के लिए की जाती हैं जिनकी औसत मासिक आय 10,000 रुपए से अधिक है, जो लगातार बनी रहे।
विकास भवन सभागार में संपन्न बैठक में डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा कि लखपति दीदी अपनी आय के लिए नहीं बल्कि अपनी अस्थाई आजीविका कार्य प्रणाली खेत गैर कृषि सेवा को अपने और संसाधनों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करके जीवन का योग्य स्तर प्राप्त करने के माध्यम से समुदाय के लिए प्रेरणा होती है। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना, महिला को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार की एक पहल है, जिसके तहत, महिलाओं को उद्योग क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत, महिलाओं को बिना ब्याज के 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। इस बैठक में जिले के सभी बैंकों के प्रतिनिधि अग्रणी बैंक प्रबंधक रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि नाबार्ड के प्रतिनिधि शामिल हुए साथ विभिन्न विभागों कृषि, पशुपालन, बाल विकास, उद्योग खादी ग्रामोद्योग के साथ सहकारिता विभाग के अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।






