देहरादून (रिपोर्टर)। उत्तराखंड जनपद रुद्रपुर के नानकपुरी टांडा (Nanakpuri Tanda) स्थित हॉस्टल में कभी एक साथ पढ़ने वाले बचपन के दोस्त 26 साल बाद एक बार फिर साथ नज़र आए! समय बीत गया,चेहरे बदल गए…कोई सरकारी अधिकारी बना, कोई बड़ा व्यापारी, तो कोई सफल ठेकेदार और कोई कामयाब किसान बन गया। चंडीगढ़, उत्तराखंड,उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा, राजस्थान में बसे ये सभी दोस्त अपनी-अपनी लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर नैनीताल के एक खूबसूरत रिसॉर्ट में एकत्र हुए।
*वही चंडीगढ़ से आए भारत सरकार में सलाहकार डॉक्टर बलजीत सिंह द्वारा हंसी-मजाक, बीते दिनों की यादें और वादियों के बीच दोस्तों की यह खास शेरो-शायरी अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।*
वीडियो में गूंजी यह खूबसूरत शायरी:
“तेरे न होने का मुझको मलाल एक तरफ,
तू मेरा क्यों न हुआ… यह सवाल एक तरफ!
यकीन मान, मैं खुश हूँ मगर तू जब संग था,
वह पल, वह दिन, वह महीना, वह साल एक तरफ!
गुलाब पर चटक रंग चढ़ेगा कैसे भला,
मैं बैठा सोचूँ कि तेरा गुलाल एक तरफ!
जहान भर के हैं मंज़र मेरी नज़र में मगर,
उस एक शख्स का दिल में ख्याल एक तरफ!
हज़ार शिकवे-शिकायत तुझे हैं मुझसे मगर,
वह कुछ दिनों की तेरी-मेरी देखभाल एक तरफ!”
दो दिनों की ढेर सारी मस्ती और यादें समेटने के बाद, जब ट्रिप खत्म हुई और सभी अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे, तो 26 साल पुरानी इस यारी से बिछड़ते वक्त सबकी आंखें नम थीं। दोस्ती की इस मिसाल ने साबित कर दिया कि उम्र, सफ़ेद बाल और कामयाबी कितनी भी बढ़ जाए, पुराने स्कूली दोस्तों के संग बिताए पलों का कोई मुकाबला नहीं होता!







