मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। सावन माह की कांवड़ यात्रा 2026 में जहां एक ओर आकर्षक और भव्य कांवड़ों की भरमार देखने को मिल रही है, वहीं मंगलवार रात मुजफ्फरनगर से गुजरी एक अनोखी कांवड़ ने श्रद्धालुओं और राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बुलंदशहर के छह शिवभक्तों की यह टोली “मोदी-योगी कांवड़” लेकर हरिद्वार से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। इस कांवड़ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बड़े-बड़े चित्र लगाए गए हैं, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मुजफ्फरनगर में यह कांवड़ चर्चा का विषय बनी रही और लोगों ने इसके साथ फोटो व वीडियो भी बनाए।
शिवभक्तों ने बताया कि उन्होंने 1 अगस्त को हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी से गंगाजल भरकर बुलंदशहर के लिए यात्रा शुरू की है। उनका कहना है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं। गंगा मैया से उन्होंने प्रार्थना की है कि वर्ष 2027 में योगी आदित्यनाथ लगातार तीसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें तथा अगली बार भी नरेंद्र मोदी देश का नेतृत्व करें।
टोली के सदस्य नीरज ने बताया कि वह वर्ष 2025 में भी “मोदी-योगी” नाम की कांवड़ लेकर आए थे। उनकी प्रमुख मांग है कि गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए। इस वर्ष भी वे इसी मांग और अपनी आस्था के साथ कांवड़ यात्रा कर रहे हैं।
इस टोली की एक और विशेष बात यह है कि इसमें समीर नाम का एक मुस्लिम शिवभक्त भी शामिल है। समीर पूरी श्रद्धा के साथ अपने साथियों के साथ कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। उनका कहना है कि धार्मिक आस्था और आपसी भाईचारे का संदेश देना ही इस यात्रा का उद्देश्य है। उन्होंने भी गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की मांग का समर्थन किया। मुजफ्फरनगर से गुजर रही यह अनोखी “मोदी-योगी कांवड़” श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही। हालांकि, इस टोली द्वारा व्यक्त की गई राजनीतिक और अन्य मांगें उनके व्यक्तिगत विचार हैं। प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






