मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा में इस बार आस्था के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी देखने को मिल रहे हैं। देवभूमि हरिद्वार धाम से इसी कड़ी में हरियाणा के झज्जर जिले की 12 वर्षीय छात्रा दीक्षा अपनी छोटी चाइल्ड बाइक पर लगभग 260 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा कर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
मंगलवार को जब दीक्षा अपनी आकर्षक ढंग से सजी चाइल्ड बाइक पर भगवान शिव की प्रतिमा और कांवड़ के साथ मुजफ्फरनगर के शिव चौक पहुंची तो उसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। राहगीरों और श्रद्धालुओं ने इस नन्ही शिवभक्त के साहस, आस्था और संकल्प की जमकर सराहना की। कई लोगों ने उसके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उसकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।
कक्षा सात में अध्ययनरत दीक्षा हरिद्वार से गंगाजल लेकर हरियाणा के लिए रवाना हुई है। यात्रा के दौरान उसके पिता और चाचा भी उसके साथ चल रहे हैं। दीक्षा ने बताया कि यह उसकी दूसरी कांवड़ यात्रा है। पिछले वर्ष भी उसने चाइल्ड बाइक से कांवड़ यात्रा की थी और इस बार भी उसी संकल्प के साथ यात्रा कर रही है।
दीक्षा ने बताया कि उसकी यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज को पशु-पक्षियों के प्रति दया और करुणा का संदेश भी देना चाहती है। उसने कहा कि सभी लोगों को जीव-जंतुओं से प्रेम करना चाहिए, उन पर किसी प्रकार की क्रूरता नहीं करनी चाहिए तथा शाकाहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उसने गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की अपनी इच्छा भी व्यक्त की।
सबसे विशेष बात यह रही कि दीक्षा अपनी पूरी यात्रा के दौरान चाइल्ड बाइक पर भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा को सुरक्षित बांधकर चल रही है। उसकी अनोखी कांवड़ और दृढ़ संकल्प ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मुजफ्फरनगर में जहां भी उसकी बाइक पहुंची, लोग रुककर उसे देखते रहे और उसके साहस व भक्ति की सराहना करते नजर आए। श्रावण मास की इस कांवड़ यात्रा में नन्ही दीक्षा ने यह संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धा उम्र की मोहताज नहीं होती और यदि संकल्प मजबूत हो तो छोटी-सी पहल भी समाज में बड़ा संदेश दे सकती है।

मानसून ऋतु-2026 के दौरान प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 8% अधिक वर्षा के बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में औसत से कम वर्षा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। मानसून ऋतु (01 जून – 30 सितम्बर) 2026 के दौरान उत्तरोत्तर प्रबल होती एल-नीनो परिस्थितियों के दृष्टिगत मानसून ऋतु के प्रथम चरण (जून-जुलाई) के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा के बावजूद मानसून ऋतु के द्वितीय चरण (अगस्त-सितम्बर) के दौरान तटस्थ धनात्मक हिन्द महासागरीय द्विध्रुव एवं हिन्द महासागर में बने कुल 10






