मुजफ्फरनगर। कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में तीन आतंकियों को ढेर करने के बाद शहीद हुए सैनिक प्रशांत शर्मा की चौथी पुण्यतिथि पर उनके स्मारक पर हवन यज्ञ किया गया। इस दौरान मंत्रियों और भाजपा नेताओं के साथ अन्य लोगों ने परिजनों के साथ शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए उसकी शहादत को नमन किया।
मूल रूप से बागपत के गांव बिजरौल निवासी सेना से रिटायर्ड सूबेदार शीशपाल शर्मा करीब 15 वर्ष से शहर के बुढ़ाना मोड़ पर रह रहे हैं। उनका बड़ा बेटा प्रशांत शर्मा वर्ष 2017 में सेना में भर्ती हुआ था। साल 2020 में फरवरी माह में प्रशांत शर्मा की ड्यूटी जम्मू कश्मीर के पुलवामा में लगी थी। तभी 29 अगस्त 2020 में पुलवामा में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में प्रशांत शर्मा शहीद हो गए थे। इस मुठभेड़ के दौरान प्रशांत ने अपनी सैन्य टीम के साथ मिलकर तीन आतंकियों को मार गिराया था। मुठभेड़ में प्रशांत को तीन गोलियां लगीं थी, उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। प्रशांत शर्मा की शहादत के बाद सरकार की मंजूरी पर जिला प्रशासन ने शामली रोड पर काली नदी पुल के पास उनका स्मारक बनवाया गया, जहां परिजनों द्वारा शहीद प्रशांत की आदम प्रतिमा स्थापित की गई। वहीं सेना द्वारा इस शौर्य के कारण शहीद प्रशांत को सेना मेडल देकर सम्मानित किया। गुरूवार सुबह यहां शहीद की चौथी पुण्यतिथि पर परिजनों द्वारा हवन यज्ञ किया। इस दौरान सरकार के व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल, पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और भाजपा के वरिष्ठ नेता गौरव स्वरूप ने शहीद प्रशांत के स्मारक पर पहुंच कर हवन में भाग लेकर आहुति दी व प्रतिमा पर मार्ल्यापण करते हुए शहीद को नमन किया। इस दौरान पालिका के सभासद प्रशांत गौतम, नवनीत गुप्ता, मनोज वर्मा, राजीव शर्मा, विकल्प जैन, योगेश मित्तल के साथ परिवारजन और अन्य लोग उपस्थित रहे।







