मुजफ्फरनगर। अधिवक्ताओं के कल्याण के निहितार्थ आज जिला पंचायत सभागार में जनपद के 07 स्मृति शेष एवं मृतक अधिवक्ताओं के आश्रितों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। जनपद के प्रभारी जिला न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय एवं प्रभारी डीएम संदीप भागिया ने आश्रितों को शॉल उढ़ाकर एवं 5 लाख की आर्थिक सहायता का प्रमाणपत्र देकर उनका सम्मान किया। उन्होंने बताया कि यह राशि आश्रितों के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी गई है।
इससे पूर्व रविवार को प्रदेश स्तर पर लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री के द्वारा स्मृति शेष अधिवक्ताओं के आश्रितों को आर्थिक सहायता वितरण कार्यक्रम एवं उनके सम्बोधन का सीधा प्रसारण पंचायत सभागार में किया गया। जिसको उपस्थित सभी स्मृति शेष अधिवक्ताओं के आश्रितों, अधिवक्ताओं, जिला बार एसोसियेशन, सिविल बार के अध्यक्ष, सचिव एवं उपस्थित अधिकारियों ने देखा व सुना गया। आज जनपद के 07 स्मृति शेष/मृतक अधिवक्ताओं के आश्रितों जिनमें निर्मला पत्नी स्व. श्री श्याम वीर ग्राम भोपा, शिल्पा पत्नी स्व. अंकित कुमार आर्यपुरी, पूजा गोयल पत्नी स्व. पुनीत गोयल, ब्रह्मपुरी, चित्रा देवी पत्नी स्व. अजब सिंह, ब्रह्मपुरी, अम्बिका पत्नी स्व. ऋषिपाल सिंह, प्रेमपुरी, राजेन्द्री पत्नी स्व. श्रीपाल बुढ़ाना एवं तृप्ति शर्मा पत्नी स्व. नीरज कांत शर्मा को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। प्रभारी जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी संदीप भागिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं के कार्य सीधे जनहित से जुड़े होते हैं और उनके द्वारा ही लोगों को त्वरित न्याय दिलाने का कार्य किया जाता है। शासन की मंशा है कि शासकीय अधिवक्ताओं को सरकार की तरफ से पूर्ण सहयोग एवं सम्मान मिले एवं उनके आश्रितों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। सरकार इसी हित में निरंतर कार्य कर रही है एवं अधिवक्ताओं का कल्याण प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता है। इस अवसर पर प्रभारी जिला न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय, बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, सिविल बार के बिजेन्द्र मलिक, जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का सफल संचालन अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर सिविल जज, नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर सहित अन्य अधिवक्तागण आदि उपस्थित थे।





