सच्चाई अभी तक के स्थापना दिवस पर एक मंच पर जुटे आम-ओ-खास
मुजफ्फरनगर। व्यवसायिक दौर में गुम होती जा रही स्वतंत्र पत्रकारिता को देश व समाज के लिए घातक बताते हुए वर्तमान परिवेश में चौथे स्तंभ की भूमिका के साथ ही अस्तित्व को बचाए रखने की खातिर एक मंच पर जुटे वरिष्ठ कलमकारों, साहित्यकारों एवं राजनीतिक हस्तियों ने एक सुर में पत्रकारिता की स्वतंत्रता के साथ सुरक्षा…