हरिद्वार (रिपोर्टर)। राजकीय प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन जनपद हरिद्वार के पदाधिकारियों ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक का अभिनंदन करते हुए उन्हें शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान संबंधी ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों से जुड़े अहम मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई। जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष राजेश कुमार एवं महामंत्री दर्शन सिंह पंवार के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में कहा गया कि प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक प्रदेश के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन वर्तमान में वे कई व्यावहारिक समस्याओं से जूझ रहे हैं।
इस ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठन का कहना है कि वर्ष 2004 के बाद नियुक्त शिक्षकों को नई पेंशन योजना के अंतर्गत रखा गया है, जो बाजार आधारित होने के कारण सुरक्षित नहीं है। ऐसे में शिक्षकों के हित में पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू किया जाना आवश्यक है। इसके अलावा अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट देने की मांग की गई। संगठन के अनुसार, इन शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन नियमों के अनुसार हुई थी, इसलिए बाद में लागू की गई TET अनिवार्यता उन पर लागू करना न्यायसंगत नहीं है। ज्ञापन में यह भी मांग उठाई गई कि माता-पिता के निधन पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों को 15 दिन का विशेष शोक अवकाश प्रदान किया जाए, ताकि वे अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें। संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षकों की इन जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
इस दौरान संरक्षक घनश्याम सिंह, जितेंद्र सिंह, दर्शन सिंह पंवार, डॉ. शिवा अग्रवाल, रवि कुमार गोस्वामी, शरद भारद्वाज, विनेश चौहान, अजय चौहान, तेज प्रकाश, चंद्रकांत बिष्ट, सुनील नेगी, अजय कुमार, नितिन कुमार, हेमचंद जोशी, विपिन सचान, राजेश रौथान, राजीव चौहान, भारत मोहन गौड़, संजीव कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

UPTET-2026 परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने को परखी डीएम और एसएसपी ने परीक्षा केन्द्रों की व्यवस्था
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) के दृष्टिगत जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा द्वारा जनपद के परीक्षा केन्द्रों का संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया गया। परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नकलविहीन वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से मुजफ्फरनगर पुलिस व प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा एवं






