मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। विजय प्रताप सिंह के प्रतिष्ठान पर दिल्ली विश्वविद्यालय में पत्रकार रुचि तिवारी के साथ कथित हिंसक घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई। बैठक में कहा गया कि शिक्षा परिसर में संवाद, विचार व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रतीक होने चाहिए, न कि भय और हिंसा के। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति, विशेष कर एक महिला पत्रकार पर भीड़ द्वारा हमला लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की फिर पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा साहस, सम्मान और न्याय की रही है। वही परंपरा जिसे रानी लक्ष्मीबाई जैसे वीरों ने जीवित रखा। आज जरुरत है कि हम कानून, संयम और एकता के मार्ग पर चलकर समाज में शांति और आपसी सम्मान को मजबूत करें।
बैठक में संजय मिश्रा ने कहा कि बहन-बेटियों से बदतमीजी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विजय प्रताप सिंह ने इस घटना को घोर निंदनीय बताया। वहीं राकेश त्यागी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर सरकार को सख्त रोक लगानी चाहिए। इस दौरान मुख्य रूप से चंद प्रकाश शर्मा, विशाल जैन, शैकीं शर्मा, हिंदूवादी नेता बिट्टू सिखेड़ा, दिनेश, जतिन आदि मौजूद रहे।






