मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में पेपर मिलों में आरडीएफ के ईधन के रूप में हो रहे उपयोग व उसके परिवहन को लेकर प्राप्त हो रही शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रूख अपनाया है। तमाम फजीहतों के बीच जनपद में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रण में करने के लिए डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में जौली रोड, भोपा रोड और मेरठ रोड स्थित आधा दर्जन आरडीएफ उपयोग करने वाली पेपर इकाइयों का निरीक्षण किया। उक्त निरीक्षण में मिली कमियों के आधार पर टीम ने चार पेपर मिलों के बॉयरल सील किए जाने के साथ दो पेपर मिलों के ट्रायल प्लांट भी सील करते हुए उनका संचालन बंद भी कराया गया।
शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर के नेतृत्व में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा, सहायक पर्यावरण अभियंता कुंवर संतोष, सम्भागीय परिवहन अधिकारी एवं नगर पालिका परिषद के टैक्स कलेक्टर की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान टीम ने भोपा रोड पर स्थित शाकुम्बरी पेपर, मेरठ रोड पर स्थित एरिस्टो क्राफ्ट पेपर, गैलेक्सी पेपर एवं कृष्णांचल पेपर मिल का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान शाकुम्बरी पेपर एवं एरिस्टो पेपर मिल में आरडीएफ प्रोसेसिंग के लिए स्थापित ट्रॉयल प्लांट को इस बीच प्रदूषण फैलाने पर सील कर दिया गया। वहीं गैलेक्सी पेपर व कृष्णांचल पेपर में वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित न पाए जाने पर उनके आरडीएफ बॉयलरों को सील करते हुए आरडीएफ के उपयोग पर तत्काल रोक लगाते हुए वहीं संचालन रोका गया। टीम की इस छापामार कार्रवाई से जनपद में अन्य पेपर मिलों में हड़कंप सा मचा रहा।
जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा ने बताया कि डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं करने पर प्लांट को सील किया गया। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी ऐसी इकाइयों के विरुद्ध जनपद में कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि जन स्वास्थ्य एवं पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।






