प्रदूषण बोर्ड की टीम ने 6 इंगट फैक्ट्रियों को किया सीज, क्षेत्र में मचा हड़कंप

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मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों के बीच बुधवार को बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र में धातु गलन इंगट इकाइयों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने बड़ी छापेमारी की। इस बीच तय मापदंडों पर खरा न उतरने व वायु प्रदूषण फैलाने के आरोपों में 5 इकाईयों को सील कर दिया गया। इसके साथ ही इन इकाईयों पर पीसीबी अधिकारियों ने बंदी आदेश भी चस्पा कर दिया। टीम की उक्त सख्त कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में हड़कंप सा मच गया और अन्य इकाइयों में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया।
बुधवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता राजा गुप्ता के नेतृत्व में प्रदूषण विभाग की गठित टीम ने औद्योगिक क्षेत्र में इकाईयों पर छापा मारा। टीम ने इस दौरान श्री मेटल, एनआर मेटल, आरके मेटल, प्रिंस मेटल व तालिब मेटल नामक इकाइयों की जांच करने में पाया गया कि इन इकाइयों द्वारा केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के निर्देशों के अनुरूप यहां चिमनियों से निकलने वाले धुएं की निगरानी के लिए अनिवार्य आॅनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली स्थापित नहीं की गई थी या उसे बोर्ड के सर्वर से नहीं जोड़ा गया था। टीम द्वारा की गई कार्रवाई से क्षेत्र में पूरे दिन हड़कंप सा मचा रहा।
प्रदूषण विभाग के सहायक अभियंता कुंवर संतोष ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा बीते 5 दिसम्बर 2025 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में संचालित वायु प्रदूषणकारी उद्योगों में आॅनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली स्थापित करने के निर्देश दिए थे। यह निर्देश वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 की धारा 18(1)(बी) के तहत राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए गए थे। उन्होंने बताया कि इसके अनुपालन में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऐसे उद्योगों को आदेशित किया था कि वे चिमनी उत्सर्जन निगरानी के लिए वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला से प्रमाणित प्रणाली स्थापित करें। इसके साथ परिसर की निगरानी हेतु पैन-टिल्ट-जूम कैमरा लगाकर उसे भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर से जोड़ना अनिवार्य किया गया था, ताकि उत्सर्जन की वास्तविक समय में निगरानी की जा सके। उन्होंने बताया कि 30 जनवरी 2026 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा स्थलीय निरीक्षण के उपरांत नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाईयों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। बुधवार को डीएम द्वारा गठित की समिति ने बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र में निरीक्षण किया। इस दौरान जिस इकाई में उत्सर्जन नियंत्रण यंत्र बंद पाए गए या मानकों का पालन नहीं किया गया था, उनके प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को बंद कराते हुए इकाइयों को सील कर दिया। साथ ही उक्त इकाईयों के मुख्य द्वार पर वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 की धारा 31ए के तहत बंदी आदेश चस्पा कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित इकाईयां तय मानकों के अनुरूप आॅनलाइन निगरानी प्रणाली को स्थापित करते हुए उसे बोर्ड के सर्वर से नहीं जोड़ेंगी एवं उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण सुचारू रूप से संचालित नहीं होगी, तब तक सील नहीं खोली जाएगी।

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