मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भारत सरकार व अमेरिका के बीच हुए कृषि व्यापार समझौते के विरोध में गुरूवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिला मुख्यालयों पर भाकियू ने प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत घेराव किया। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों किसानों ने अपने हाथों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में नारे लिखी तख्तियों के माध्यम से सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करते हुए विरोध भी दर्ज कराया।
भाकियू के जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने डीएम कार्यालय पर धरना देते हुए विरोध-प्रदर्शन भी किया। किसानों ने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता देश के किसानों के हितों के विपरीत है और इससे स्थानीय कृषि बाजार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि यह समझौता देश की कृषि व्यवस्था को कमजोर कर सकता है। धरने पर अधिकांश वक्ताओं ने कहा कि विदेशी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियां किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि केंद्र सरकार को इस समझौते पर पुनर्विचार करते हुए सभी किसान संगठनों से संवाद स्थापित करना चाहिए।
गुरूवार को जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 12 फरवरी को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। इसी क्रम में दोपहर बाद भारतीय किसान यूनियन की प्रदेश भर की ग्राम इकाइयों ने हमारा खेत-हमारा अधिकार अभियान को चलाया। इस अभियान के तहत किसानों ने अपने-अपने खेतों में पहुंचकर भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता लिखे पर्चों की प्रतियां प्रतीकात्मक रूप से जला कर विरोध प्रकट किया। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने कहा कि यह आंदोलन प्रदेशव्यापी स्तर पर आयोजित किया गया है और यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि यदि कृषि और व्यापार से जुड़े किसी भी समझौते में किसानों की भागीदारी, सहमति अनिवार्य नहीं की गई तो देश भर में व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। इस दौरान मुख्य रूप से योगेश शर्मा, शाहिद आलम, शक्ति सिंह, गुलबहार राव आदि भाकियू कार्यकर्ता एवं किसान मौजूद रहे।




