मुजफ्फरनगर। पालिका संग एमआईटूसी कंपनी के लिए शहर से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण कराना टेढ़ी खीर बन रहा है। बीते दिनों खालापार में हादसे में हुई मौत के बाद से बड़े कूड़ा वाहनों को खालापार मार्ग से हटाने के लिए प्लांट तक पहुंचाने को वैकल्पिक मार्ग नहीं मिल रहा है। मंगलवार को फिर खालापार से गुजर रहे बड़े पांच कूड़ा वाहनों को लोगों ने पुलिस के सहयोग से रोककर उनकी चाबी निकाल ली और प्रदर्शन करते हुए नाराजगी जताई कि पालिका ने आश्वासन के बाद भी बड़े वाहनों का आवागमन बंद नहीं कराया। वाहन रोके जाने पर कंपनी अधिकारी ने मौके पर पहुंच घंटों बाद वाहनों को पुलिस और पब्लिक के कब्जे से रिलीज कराया। पालिका ने कंपनी को अभी नई व्यवस्था होने तक रात्रि में कूड़ा उठाने के निर्देश दिये हैं, जिससे कंपनी भी पशोपेश में फंस चुकी है, ऐसा करने पर पूरे दिन नगर में कूड़े और गंदगी से सड़ता नजर आयेगा।
खालापार में पालिका के डंपर चालक से हुए हादसे में चरथावल निवासी व्यक्ति की मौत के बाद से पालिका और कंपनी के लिए शहरी क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े को निस्तारण किदवईनगर प्लांट तक पहुंचाना टेढी खीर बन गया है। ईओ ने खालापार से बड़े कूड़ा वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाते हुए रामपुरम व सूजड़ू से होते हुए विकल्प चुनने के आदेश दिये थे। व्यवस्था दोनों क्षेत्रों में न बन पाने पर आदेशों को बदला गया था। मंगलवार को पालिका अनुबंध के आधार पर डलावघरों से कूड़ा उठाते हुए किदवईनगर प्लांट तक ले जाने का कार्य कर रही कंपनी के 5 वाहनों को एक बार फिर खालापार में रोक लिया। काम्पैक्टर और डंपर को प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस के सहारे पकड़कर उनकी चाबियां निकाल ली। वाहन सड़क पर खड़े होने से यातायात अवरुद्ध हो गया। लोगों ने साफ कर दिया कि दिन में किसी भी सूरत में कूड़ा वाहन खालापार से नहीं जाने दिए जाएंगे। खालापार चौकी प्रभारी ने भी वाहन चालकों को कड़ी नसीहत देते हुए कार्यवाही की चेतावनी दी। इसके बाद चालकों ने कंपनी को रिपोर्ट की तो कंपनी के सेकेंड्री प्वाइंट इंचार्ज कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने और पुलिस द्वारा भी बड़े कूड़ा वाहनों को खालापार से दिन के बजाए रात में ले जाने को कहा गया। लोगों की ओर से बढ़ते विरोध को देखते हुए कुलदीप सिंह ने आश्वस्त किया कि खालापार से वाहन नहीं जायेंगे, तब कहीं जाकर लोगों ने वाहनों की चाबी वापस की।
इन्होंने कहा-
कंपनी के सेकेंड्री प्वाइंट इंचार्ज कुलदीप सिंह का कहना है कि रोजाना कूड़ा निस्तारण होना है और करीब 36 से 40 डंपर कूड़ा प्लांट पर ले जाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वार्डों से 100 छोटी गाड़ियों का कूड़ा कॉम्पैक्टर के माध्यम से निस्तारित किया जा रहा है। ऐसे में गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने बताया कि रात्रि में कूड़ा उठान व निस्तारण के आदेश व्यवहारिक नहीं हैं, क्योंकि ऐसा करने पर पूरे दिन डलावघरों में गन्दगी और कूड़े के कारण बदहाल स्थिति बन सकती है।





