गांवों में शुद्ध पानी और हवा के लिए काम करेंगे उद्यमी

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मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में औद्योगिक प्रदूषण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जिला प्रशासन की मध्यस्थता में उद्योगों और किसान संगठनों के बीच एक बार फिर खुले संवाद का मंच सजा। बैठक में आरडीएफ को ईंधन के रूप में जलाने, पर्यावरणीय प्रभाव और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदूषण की शिकायतों पर खुलकर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही।
जनपद में उद्योगों द्वारा आरडीएफ जलाने की आड़ में म्यूनिसिपल सोलिड वेस्ट जलाए जाने के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद के बीच उद्योगों की पहल और अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा के लिए जिला प्रशासन की मध्यस्थता में उद्योगों और किसान संगठनों के बीच खुली बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत सभाकक्ष में हुई इस बैठक में प्रदूषण, यातायात, सफाई और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता जताई और उद्योगों से अपेक्षा की कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्यवाही धरातल पर दिखाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जीवन को प्रदूषण के खतरनाक प्रभाव से बचाने के लिए उद्योगों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उद्योगों की ओर से उत्तर प्रदेश पेपर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष और बिंदल डुप्लैक्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पंकज अग्रवाल ने बताया कि पिछली बैठक में किए गए वादों पर अमल किया गया है।

भोपा रोड और जानसठ रोड पर स्थित फैक्ट्रियों के आसपास सफाई अभियान चलाया गया, सिल्ट हटाई गई और यातायात व्यवस्था को सुचारू किया गया, जिससे जाम की समस्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि जहां खाई और प्रदूषण की शिकायतें थीं, उनमें से करीब आधी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अब वाहनों को फैक्ट्री परिसर के भीतर ही प्रवेश दिया जा रहा है ताकि सड़कों पर जाम न लगे। उद्योगों की ओर से स्पष्ट किया गया कि केवल आरडीएफ का ही उपयोग किया जा रहा है और कहीं भी एमएसडब्ल्यू नहीं मंगाया जा रहा। शेष समस्याओं के समाधान के लिए उद्योगों ने प्रशासन से दो से तीन माह का समय मांगा है। बैठक में एडीएम प्रशासन संजय सिंह ने बताया कि दिसंबर माह में हुई पिछली बैठक में जिन बिंदुओं पर सहमति बनी थी, उन पर उद्योगों ने कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में फैक्ट्रियों के आसपास टाइल्स लगवाने, नियमित सफाई, धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव, पौधारोपण और गांवों में शुद्ध पेयजल के लिए आरओ वाटर कूलर लगाने जैसे सुझाव रखे गए हैं।
उद्योगों की ओर से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उन्नत तकनीक वाली मशीनरी लगाने का भी आश्वासन दिया गया है। इन सभी कार्यों को सीएसआर फंड के माध्यम से कराने की बात सामने आई। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और अगली बैठक होली के बाद 16 अप्रैल को आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में मुख्य रूप से किसान नेता राकेश टिकैत, भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी, योगेश शर्मा के अलावा पेपर मिल एसोसिएशन अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, कुश पुरी, अजय कपूर, मनीष कपूर, विपुल भटनागर, अमित गर्ग, अंकित बिंदल आदि उद्योगपति और किसान नेता योगेश शर्मा, विकास शर्मा, नवीन राठी, ओमपाल सिंह मलिक तथा अधिकारी मौजूद रहे।

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