मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन शिक्षक प्रकोष्ठ की जनपद इकाई ने जिला अध्यक्ष राम रतन बालियान और महामंत्री अमित शर्मा के नेतृत्व में मंगलवार को बीएसए कार्यालय का घेराव करते हुए शिक्षकों के साथ धरना दिया। इस दौरान जनपद के करीब 250 विद्यालयों पर छाए बंदी के संकट और इन सभी स्कूलों को दूसरे स्कूलोंं में विलय करने की सरकार की योजना का जमकर विरोध किया।
प्राथमिक विद्यालयों पर छाए बंदी के संकट पर चिंता जताते हुए धरने पर बैठे शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए इस आदेश पर मुजफ्फरनगर में करीब 250 स्कूल बंद हो जाने के साथ, उनको मर्ज करते हुए अन्य विद्यालयों में समाहित किया जा रहा है। इस कड़ी में हर ब्लॉक में कुछ विद्यालयों का इसमें विलय किया जा रहा है। शिक्षकों ने सरकार की इस व्यवस्था का विरोध करते हुए इसको तत्काल रोके जाने की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि अन्यथा की स्थिति में शिक्षक को सड़कों पर उतरने के लिए विवश होना पड़ेगा। धरने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार को मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में शिक्षकों ने इन सभी स्कूलों को मर्ज करने के पूर्व में जारी आदेश को वापस लिए जाने की मांग की। महामंत्री अमित शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से जारी हुई इस व्यवस्था का डटकर विरोध होगा और शिक्षक अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरेंगे। शिक्षक नेता मैराज खालिद ने कहा कि शिक्षक किसी कीमत पर विद्यालयों को समाहित नहीं होने देंगे। इस बीच प्रदेश नेतृत्व से आए मनीष गोयल ने कहा कि शिक्षक किसी कीमत पर झुकने वाला नहीं है, उन्हें यूपी सरकार का यह काला कानून वापस चाहिए। इस दौरान मुख्य रूप से सुधीर पोरिया, रवि कुमार, अखलाक अहमद, मोहित, पूजा शर्मा, संध्या चौधरी, मंजू चौधरी, संदीप तोमर, अमित कुमार सहित सभी ब्लॉक अध्यक्ष एवं अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रही। े






