मुजफ्फरनगर। रविवार को अवकाश के बावजूद कलेक्ट्रेट में परिवार संग डेरा डाल धरने पर बैठे योगेन्द्र नगर सिकरी निवासी व्यक्ति ने सरकारी योजना में हो रहे खेल को उजागर करते हुए स्थानीय बीडीओ मोरना के साथ सचिव ग्राम पंचायत सिकरी को सस्पेंड कराने की मांग की। कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों पर कार्यवाही नहीं होती, वह गांव में नहीं जाएगा। हालांकि बाद में नगर मजिस्टेÑट के आश्वासन के बाद परिवार गांव को वापस लौट गया।
रविवार को कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे योगेन्द्र नगर के पीड़ितों ने आरोप लगाते हुए बताया कि वर्ष 2017-18 में बनी प्रधानमंत्री आवास योजना सूची बीडीओ को पात्र व्यक्तियों की प्राप्त करायी थी, जिसमें ग्राम प्रधान, बीडीओ व सचिव ने उक्त सूची को बाद में जाति के आधार पर एक ही समाज के लोगों की बना कर शासन को दी, जो कि गलत है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सिकरी ब्लॉक मोरना में विभिन्न प्रकार से भ्रष्टाचार व्यापक रूप से फैले हुए हैं और वहां पर विधवा, वृद्ध और युवाओं को हर सरकारी योजना से वंचित रखा जा रहा है जिसके जिम्मेदार ग्राम प्रधान सिकरी, बीडीओ और ग्राम सचिव हैं। पीड़ित परिवार ने उक्त मामले में जांच कराए जाने की मांग करते हुए पात्रों को तमाम योजनाओं का लाभ दिलाए जाने की मांग की। साथ ही वर्ष 2017 की सूची का निरीक्षण करते हुए अपात्रों के आवास निरस्त करने के साथ मनरेगा जॉब कार्ड में पूर्व में हुई धांधली की जांच करते हुए पात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही ग्राम पंचायत सिकरी का निरीक्षण करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।

हिन्दू बाहुल्य क्षेत्र में दूसरे समुदाय के व्यक्ति द्वारा मकान खरीदे का विरोध, आक्रोशित लोगों ने मकान पर की तालाबंदी
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। नगर कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला कृष्णापुरी में कुछ दिनों पूर्व हिन्दू बाहुल्य क्षेत्र में दूसरे समुदाय के व्यक्ति द्वारा दो भाइयों से खरीदे मकान का मोहल्ले वालों ने विरोध करते हुए आपस में सामूहिक रूप से बैठक कर मकान की तालाबंदी कर दी। आक्रोशित मोहल्ले वालों को पुलिस भी नहीं रोक पाई। इस






