मुजफ्फरनगर। पालिका चेयरपर्सन शहर में गैस पाइपलाइन बिछाने का काम कर रही आईजीएल की कार्यप्रणाली से खासी नाराज हैं। कंपनी द्वारा पालिका से एनओसी लिए बिना ही उनके आवास के समक्ष सड़क को खोदकर गड्ढे कर दिए, जिसे लेकर पालिका चेयरपर्सन ने ईओ को जांच के निर्देश दिए हैं कि शहर में पालिका स्वामित्व वाली सड़कों को बिना अनुमति के खोदे जानेपर आईजीएल के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
आईजीएल की लंबित लाइन जोड़ने के लिए कंपनी के ठेकेदार शिशिर भारद्वाज ने सोमवार सुबह श्रमिक लगाते हुए चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के आवास के सामने ही चार-पांच गड्ढे खुदवा दिए थे, यहां पहुंचे सभासद देवेश कौशिक और युवा भाजपा नेता विकल्प जैन ने हाल में बनी इस सड़क को खुदवा दिये जाने पर ठेकेदार को बुलाकर एनओसी दिखाने के लिए कहा, अनुमति नहीं होने पर फटकार लगाई तथा श्रमिकों को वहां से भगा दिया। मामले में सभासद देवेश कौशिक ने चेयरपर्सन से कंपनी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्यवाही कराने की मांग की थी।
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने इस संबंध में ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को पत्र लिखकर जांच करने के आदेश दिये हैं। इसमें उन्होंने कहा कि शिकायत मिली है कि नगर के विभिन्न क्षेत्रों में आईजीएल द्वारा अपने गैस संयोजन हेतु पालिका स्वामित्व वाली सड़कों को खोद कर गड्ढे किए जा रहे हैं तथा इनके द्वारा किए गड्ढे को सही तरह से समतल भी नहीं किया जा रहा है, मात्र खानापूर्ति करके इन गड्ढों को खुला छोड़ा जा रहा है। इनमें से अधिकांश सड़क नवनिर्मित हैं, परन्तु आईजीएल द्वारा अपनी मनमर्जी व हठधर्मिता से उक्त कार्य कराया जा रहा है, जिसकी अनुमति पालिका स्तर से प्रदान नहीं की गयी है। इससे एक ओर जहाँ सड़कों पर गहरे गड्ढे होने के कारण सदैव दुर्घटना की संभावना बनी रहती है, वहीं दूसरी ओर सड़कों के गड्ढे भरने में पालिका को भारी राजस्व हानि होती है। चेयरपर्सन ने ईओ को आईजीएल कंपनी द्वारा सड़क खोदने की जांच कराकर कंपनी के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश के साथ ही रिपोर्ट भी मांगी है।
इन्होंने कहा-
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि प्रकरण में निर्माण विभाग से रिपोर्ट मांगी है, आईजीएल कंपनी को अभी क्षेत्र में पाइपलाइन के लिए कोई एनओसी पालिका के स्तर से प्रदान नहीं की गई। बिना अनुमति सड़क खोदने को लेकर जेई से स्थलीय भ्रमण कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इसमें कंपनी को नोटिस भेजा जा रहा है, वहीं नगरपालिका के राजस्व क्षति के मामले में कंपनी के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।







