मुजफ्फरनगर। किसानों की विभिन्न समस्याओं के साथ पावर कारपोरेशन में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए गुरूवार को किसान मजदूर संगठन ने डीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इस दौरान किसानों ने जिला प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए समस्या समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने का भी ऐलान किया। इस दौरान धरने पर अधिकांश वक्ताओं ने जनपद में चकबंदी के साथ बिजली और आवारा गौवंश से होने वाली तमाम परेशानियों की ओर डीएम का ध्यान आकर्षित करते हुए समस्याओं के समाधान किए जाने की मांग की।
कलेक्ट्रेट में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. पूरण सिंह ने कहा कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, किसानों का कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 22 मई को किसानों की महापंचायत होगी। किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. पूरण सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आरडीएसएस योजना के अंतर्गत एलटी कंपनी को जनपद में विद्युत सुधार कार्य दिया गया था। कम्पनियों के अधिकारियों द्वारा पुराने तार एवं नये केवल खम्बों में बता घोटाला किया है, जिसकी उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर जांच करा कर दोषियों पर गरार्यवाही नहीं की गई है। वहीं चकबदी में विभिन्न अनियमितताओं एवं अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण लंबित मुद्दों पर कार्यवाही नहीं हो पायी है। इसके साथ ही पानीपत खटीमा राष्ट्रीय राज मार्ग का कार्य अभी तक भी पूर्ण नहीं हुआ है। करीब साल भर से टोल वसूला जा रहा है, जो बिल्कुल अवैध है। उन्होंने मांग की कि इस हाईवे का कार्य पूर्ण होने तक जागाहेडी बघरा टोल प्लाजा को बंद किया जायें। वहीं जनपद की बजाज भैंसाना शुगर मिल पर किसानों का जो बकाया गन्ना भुगतान है, उसे तत्काल दिलाया जाये। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा पिछले साल में बनायी गयी सड़कों की कमेटी के द्वारा गुणवत्ता की जांच करायी जाये। इस दौरान डीएम कार्यालय पर आयोजित धरने पर पहले दिन वार्ता के लिए एसीएमओ, नगर मजिस्ट्रेट के साथ बिजली विभाग एसडीओ पहुंचे। हालांकि इस बीच वार्ता के दौरान कोई समाधान नहीं हो पाया। धरने पर इस दौरान मुख्य रूप से कृष्ण कुमार, दीपक सीम, शकुन राणा, शहजाद राणा, देवेन्द्र, अनिल राणा, विशाल, नरेंद्र, प्रशांत राणा, कुलदीप, सोम पाल, रामकुमार, विनोद राजेन्द्र, रामपाल, राज सिंह आदि मौजूद रहे।






