मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों को धरातल पर लाने की खातिर शहरी विकास के लिए 15वें वित्त के अन्तर्गत निकायों को प्राप्त धनराशि वित्तीय वर्ष के अंत तक शेष रह जाने पर शासन ने इसकी समयावधि बढ़ा दी है। अब निकाय शासन स्तर से इस ग्रांट में मिली धनराशि को विकास कार्यों पर मार्च 2026 तक भी खर्च कर सकेंगे। नगरपालिका परिषद् मुजफ्फरनगर के पास इस ग्रांट में वर्तमान में करीब 60 करोड़ रुपये हैं, जिनमें से करीब 20 करोड़ रुपये के अभी प्रस्ताव बनाये जाने शेष हैं।
शहरी क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 15वें वित्त आयोग के अन्तर्गत शासन स्तर से निकायों को धनराशि अवमुक्त की जाती रही है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगर पालिका परिषद् मुजफ्फरनगर को करीब 60 करोड़ रुपये टाइड और अनटाइड ग्रांट के रूप में अवमुक्त किये गये। उक्त धनराशि नगर पालिका को मार्च 2025 तक खर्च करनी थी, इसके लिए करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से तमाम जरुरी विकास कार्यों के प्रमुख प्रस्ताव जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी से स्वीकृत किये जा चुके हैं, लेकिन इनमें से अभी भी वहलना चौक सौंदर्यकरण, सरकुलर रोड साइड पटरी और रैलिंग निर्माण कार्य वाले प्रस्तावों के टैण्डर शिकायत के बाद गड़बड़ी साबित होने पर निरस्त हो गए हैं। इसके अलावा वित्तीय वर्ष के अंत तक शासन की ओर से अवमुक्त पूरी ग्रांट के प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो पाये। इसी को देखते हुए शासन ने अब 15वें वित्त में जारी हुई ग्रांट की उपयोगिता के लिए नई समयावधि तय कर दी है। वर्तमान में नगरीय निकाय निदेशालय की ओर से जारी आदेशों में इस ग्रांट को अब 31 मार्च 2026 तक खर्च करने की अनुमति प्रदान की गई है। ऐसे में पालिका प्रशासन द्वारा अब शेष करीब 20 करोड़ रुपये की धनराशि के प्रस्ताव तैयार करने की कवायद शुरू कर दी गयी है।

राजकीय महाविद्यालय भूपतवाला हरिद्वार में पुस्तक विमोचन समारोह आयोजित
हरिद्वार (रिपोर्टर)। राजकीय महाविद्यालय, भूपतवाला, हरिद्वार में पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर फंडामेन्टल ऑफ माइक्रो इकोनॉमिक्स एवं फंडामेन्टल्स ऑफ मैक्रो इकोनॉमिक्स पुस्तकों का विमोचन किया गया। पुस्तक लेखक डॉ संजीव कुमार शर्मा हैं। पुस्तकों का विमोचन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ संजीव मेहरोत्रा के करकमलों द्वारा प्रातः 11 बजे संपन्न






