मुजफ्फरनगर। डीएस पब्लिक स्कूल में विश्व पृथ्वी दिवस पर विद्यार्थियों ने लघु नाटिका, नुक्कड़ नाटक, जन जागरूकता रैली, भाषण, पोस्टर तथा स्लोगन द्वारा पृथ्वी बचाने का संदेश दिया । विद्यालय में इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों तथा आम जनमानस को जागरूक करने के लिए एबीवीपी पदाधिकारियों ने विद्यालय में पहुंचकर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थी परिषद से संयोजक आकाश बालियान, विभाग संगठन मंत्री ओजस गौड़, जिला संयोजक एसएफडी पवन सिवाच एवं विभाग छात्रा प्रमुख मानसी नामदेव ने विद्यार्थियों को पृथ्वी दिवस पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक करते हुए अपने विचार प्रस्तुत किये।
इस कार्यक्रम में कक्षा 10 के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के बूते से मानवीय गतिविधियों से पृथ्वी के वातावरण को हो रही हानियों के प्रति जनमानस को सजग करते हुए संदेश दिया कि हमें पृथ्वी संरक्षण के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर इस दिशा में गंभीरतापूर्वक कार्य करना चाहिए। नुक्कड़ नाटक में अपने अभिनय से मानसी, रिया, तपस्या, तनस्वी, रुद्र प्रताप, प्रिंस भार्गव, वंशिका, आयुष एवं शिवा ने संदेश दिया कि पृथ्वी पर जीवन के महत्वपूर्ण घटक जल तथा वायु को किसी भी हाल में प्रदूषित नहीं करना चाहिए। वहीं लघु नाटिका में कक्षा 9 के खुशी, कृष्णा, प्रिंसी यादव, भानु, अक्षत शर्मा, नविका, आरोही, शताक्षी एवं पार्थ ने अपने अभिनय द्वारा सभी को पृथ्वी संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अन्त में स्कूल प्रधानाचार्य श्री गगन शर्मा एवं कोआॅर्डिनेटर संदीप दीक्षित ने विद्यार्थियों को पृथ्वी बचाने के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि यह हम सभी का दायित्व है कि हम कोई भी ऐसा कार्य ना करें जिससे किसी भी प्रकार से पृथ्वी के पर्यावरण को हानि पहुंचती हो क्योंकि पृथ्वी है तो जीवन है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने उन्हें प्रण लिया कि सभी पृथ्वी संरक्षण के प्रति गंभीरता पूर्वक सजग होकर कार्य करेंगे एवं हरी भरी वसुंधरा के निर्माण में अपना शत प्रतिशत योगदान देंगे।

मुजफ्फरनगर में पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों पर छापेमारी, 12 नमूने लिए, मचा हड़कंप
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में किसानों को गुणवत्तायुक्त कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को भारत सरकार और राज्य कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जनपद में स्थापित पेस्टिसाइड विनिर्माता इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पांच उत्पादन इकाइयों की जांच करते हुए कीटनाशकों के कुल 12 नमूने लिए, जिन्हें जांच के






