मुजफ्फरनगर। यूपी में पॉवर कारपोरेशन ने बिजली बिलों को कम करने के लिए खपत के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान कराने के साथ उपभोक्ता को बिजली ग्रिड की स्थिति के बारे में जानकारी सीधे उपलब्ध कराने को स्मार्ट मीटर से जोड़ने का अभियान छेड़ा हुआ है, ताकि इसके प्रदर्शन व ग्राहकों में सेवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। जनपद में बड़े स्तर पर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य इन्हीं पवित्र भावनाओं के साथ चल रहा है। अभियान की इस कड़ी में प्रथम चरण में सरकारी कार्यालय और भवनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। अभी तक 1100 सरकारी दफ्तरों और भवनों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, इसमें सभी बिजलीघर भी शामिल है। इसके साथ ही करीब 300 सरकारी दफ्तरों और भवनों पर स्मार्ट मीटर लगने शेष रह गए हैं।
पॉवर कारपोरेशन की ओर से स्मार्ट मीटर के बूते बिजली ग्रिड की स्थिति जानने के साथ ग्राहकों के लिए सेवा प्रदर्शन व गुणवत्ता में सुधार करने की पवित्र मंशा के तहत अभियान शुरू किया है। इसके जरिए यह ग्राहकों को यह देखने में भी सक्षम बनाता है कि उनकी बिजली खपत की आदतें बिजली बिलों को कैसे प्रभावित करती हैं और इस तरह से अपनी जरूरतों के लिए सबसे उपयुक्त टैरिफ चुनकर ऊर्जा दक्षता उपायों के माध्यम से राशि को कम करके खपत का प्रबंधन आसानी से कर सकती हैं। पॉवर कारपोरेशन की ओर से जनपद में स्मार्ट मीटर लगाए जाने की दिशा में शुरू अभियान के बीच सरकारी दफ्तरों के साथ भवनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाने की तैयारी की है। इस कड़ी में पॉवर कारपोरेशन द्वारा सभी बिजलीघरों पर स्मार्ट मीटर लगाए हंै। शहरी और देहात क्षेत्र के इन बिजलीघरों पर स्मार्ट मीटर को लगाने का विभागीय अफसरों के द्वारा दावा किया गया है। बिजली विभाग द्वारा इस कड़ी में अभी तक जनपद में 1100 सरकारी दफ्तरों और भवनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हंै। भविष्य में रिचार्ज होने पर ही इन स्मार्ट मीटरों में बिजली की सप्लाई चालू होगी। इसके अलावा शेष 300 सरकारी दफ्तरों और भवनों पर स्मार्ट मीटर लगने बाकी हंै। जिसमें सबसे अधिक टाउन हाल क्षेत्र के दफ्तर एवं सरकारी भवन शामिल हैं। चर्चा है कि टाउन हाल क्षेत्र में स्थित कुछ सरकारी दफ्तरों और भवनों पर स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विवाद बना हुआ है। जिसके कारण अभी तक यहां स्मार्ट मीटर नहीं लगाए गए हैं।
इन्होंने कहा-
मुख्य अभियंता विद्युत पवन अग्रवाल ने बताया कि जनपद में सभी सरकारी दफ्तरों और भवनों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का कार्य तेजी से चल रहा है। जनपद में करीब 1400 सरकारी दफ्तरों और भवनों पर स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक करीब 1100 सरकारी दफ्तरों व भवनों पर स्मार्ट मीटर लग चुके हैं।






