मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत सभागार में बुधवार को डीएम उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुए किसान दिवस में बिजली, पानी, सड़क, फर्जी रिपोर्ट, चकबंदी और बिजली के बिलों के अधिक आने के अलावा थाना और तहसीलों में बढ़ रहे भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए इसमें सुधार कराने की मांग की। वहीं पुरबालियान के लोगों ने चकबंदी पूरी न होने पर विरोध दर्ज कराने के साथ नाराजगी भी व्यक्त की। सभागार से किसी मुद्दे को लेकर किसान आपस में उलझ गए, जिसके चलते वहां काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति बन गई। इस बीच भाकियू जिला अध्यक्ष नवीन राठी और पीनना निवासी सुमित मलिक के बीच भी झड़प हो गई।
बुधवार को जिला पंचायत सभागार में किसान दिवस में डीएम व एसएसपी के न आने को लेकर किसानों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए किसान दिवस को शुरू नहीं होने दिया। इसके बाद एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह और नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप मौके पर पहुंचे, लेकिन फिर भी वहां मौजूद किसानों ने किसान दिवस की कार्रवाई को शुरू नहीं होने दिया। करीब आंधे घंटे बाद डीएम उमेश मिश्रा किसान दिवस में पहुंचने पर किसान दिवस की कार्रवाई शुरू हो सकी। इस बीच डीडी कृषि संतोष यादव ने बताया कि पिछले किसान दिवस में आयी शिकायतों में से 58 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। वहीं पांच शिकायतें शेष रह गई है।


किसान दिवस में पुरबालियान गांव से पहुंचे लोगों ने चकबंदी का मामला उठाते हुए उत्पीड़न से बचाने के लिए डीएम से गुहार करते हुए कहा कि तीन दशक से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अभी तक गांव में चकबंदी की प्रक्रिया के तहत कब्जा परिवर्तन नहीं किया जा रहा है। महिलाओं के जेवर बिक गए व पुरुषों के मेहनत की कमाई चकबंदी में भ्रष्ट व्यवस्था की भेंट चढ़ गई, लेकिन आज भी गांव के किसान परेशान हैं। इसके साथ शहर की कुछ इलाकों का जिक्र करते हुए एकता विहार, शाहबुदीनपुर रोड एवं रामपुरी के कुछ हिस्सों में दूषित पानी की आपूर्ति होने और जनपद के कई हिस्सों में अघोषित विद्युत कटौती का मुद्दा उठाते हुए किसानों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी, धीरज लाटियान, नीरज पहलवान, डब्बू चौधरी, विक्रांत, रामपाल, सोनू, राकेश, सुभाष, जितेन्द्र, रामधन, रामपाल, राजेन्द्र, विरेन्द्र, राकेश, संजीव, उमेश, रहतु सिंह, मोहन कुमार, राजसिंह, धीरसिंह, मनोज आदि दर्जनों किसान मौजूद रहे।






