मुजफ्फरनगर। दी गुड़ खांडसारी एंड ग्रैंन मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल ने विस के अध्यक्ष सतीश महाना को मुजफ्फरनगर प्रवास के दौरान ज्ञापन सौंपा। उक्त ज्ञापन में उन्होंने मांग की कि वर्ष 2009 में एक तुगलकी आदेश आया था जिसमें प्रोपराइटरशिप फर्म में पार्टनर बनाने की इजाजत बंद कर दी थी, जबकि व्यापार में आर्थिक परिस्थितियों, हारी- बीमारी, नफा-नुकसान व अन्य उतार चढ़ाव होने के कारण व्यापार को सुचारू चलाने के लिए पार्टनरशिप एक्ट के तहत किसी भी व्यक्ति को शामिल व पृथक किया जाता रहता है। नवीन मंडी स्थल में कार्यरत व्यापारियों के लाइसेंस में यदि कोई व्यापारी प्रोपराइटरशिप फर्म में किसी भी व्यापारी को पार्टनर बनाता है तो इसमें सरकार की कोई हानि नहीं। उन्होंने बताया कि पार्टनरशिप फर्म में यदि कोई पार्टनर चेंज होता है तो सरकार को लागत मूल्य का 5 प्रतिशत मिलता है। साथ ही व्यापारी को व्यापार भी मिलता है। ऐसे में आपसे हमारी मांग है कि जल्द से जल्द प्रोपराइटरशिप फर्म में पार्टनर बनाने की स्पष्ट इजाजत दी जाए। इस दौरान पूर्व विधायक अशोक कंसल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, यशपाल पंवार, रामकुमार सहरावत, कुश पुरी आदि वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।






