तीन दुकानों के पांच नमूने फेल होने से मचा हड़कंप
किसान सेवा सेंटर बिलासपुर, नेशनल सीड स्टोर कोर्ट रोड व पुरकाजी का नमूना फेल
मुजफ्फरनगर। किसानों से यूरिया, डीएपी अथवा पेस्टीसाइड की बिक्री के नाम पर ओवर रेटिंग या टेगिंग न हो इसके लिए जिलेभर में टीम गठित करते हुए छापेमारी किए जाने के मामले प्रकाश में आते रहते हैं, लेकिन बहुतायत में देखने में आता है कि अमुक छापेमारी में किस प्रतिष्ठान अथवा कंपनी के नमूने फेल हुए या नहीं इसका बामुश्किल पता चलता है। टीम दुकानों पर छापेमारी करने के साथ संदिग्ध स्थिति में नमूने भरने के अलावा मामूली खामियां मिलने पर नोटिस जारी किए जाने और अनियमितता बरतने पर ऐसी दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए जाते हैं। छापेमारी के बीच गठित टीम दुकानों पर रेट लिस्ट, टैगिंग, ओवररेटिंग और स्टॉक रजिस्टर आदि की जांच करती है।
डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर कृषि विभाग की तीन टीमों ने बीते माह बुढ़ाना, खतौली और सदर क्षेत्र में पेस्टीसाइड की करीब चार दर्जन दुकानों पर छापेमारी करते हुए एक दर्जन से अधिक नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भेजे हैं। वहीं अनियमितता पाए जाने पर जिले में पेस्टीसाइड की आठ दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। फरवरी माह में ऐसे ही कृषि विभाग की टीमों द्वारा पेस्टीसाइड की दुकानों पर की गई छापेमारी के दौरान इन टीमों द्वारा कीटनाशक दवाई के करीब 20 नमूने लेकर जांच के लिए लैब में भेजे थे। अब प्रयोगशाला से इन सभी कीटनाशी दवाई की रिपोर्ट कृषि विभाग को प्राप्त हो गई है। जांच रिपोर्ट आने पर पांच नमूने अधोमानक पाए गए है।
इन्होंने कहा-
कृषि रक्षा अधिकारी यतेन्द्र कुमार ने बताया कि बिलासपुर ग्राम में स्थित किसान सेवा सेंटर, कचहरी रोड पर स्थित नेशनल सीड स्टोर के अलावा पुरकाजी कस्बे में स्थित मिगलानी बीज स्टोर से नमूने लिए गए थे। इन प्राप्त जांच रिपोर्ट में क्लोरो प्लस साइपर कीटनाशक के दो नमूने, क्लारा इंट्रा निलिक्रेल अर्थात कोरोजन, बाईपेंथलिन तथा टू-फोर-डी कीटनाशक का एक-एक नमूना फेल हुआ है। उन्होंने बताया कि टू-फोर-डी खरपतवार नाशी है, जबकि अन्य दवाएं कीटनाशी हैं। उन्होंने बताया कि पांच नमूने फेल होने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी गई है। इसके बाद कोर्ट में वाद दायर कराया जाएगा।






