मुजफ्फरनगर। शिक्षा विभाग का अपार आईडी जनरेट करने के अभियान में जिले में लक्ष्य के अनुसार कार्य नहीं होने के कारण शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराते हुए विभाग ने जिले में सभी माध्यमिक शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाई तो अब शिक्षकों व शिक्षा विभाग के बीच टकराव के हालात बन गए हैं। इस फैसले के विरोध में शुक्रवार को जिले के माध्यमिक शिक्षकों ने डीआईओएस के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और सीएम योगी को ज्ञापन भेजकर समय से कदम न उठाने पर डीआईओएस के खिलाफ ही कार्यवाही और वेतन जारी कराने की मांग की।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने डीआईओएस के खिलाफ शुक्रवार को मोर्चा खोल दिया। संघ से जुड़े शिक्षक व शिक्षिकाएं शुक्रवार को महावीर चौक स्थित कार्यालय में पहुंचे और नारेबाजी व प्रदर्शन करने के साथ ही धरना शुरू कर दिया। संघ जिलाध्यक्ष डॉ. राहुल कुशवाहा ने आरोप लगाया कि डीआईओएस द्वारा शिक्षक विरोधी मानसिकता के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कॉलेजों में विद्यार्थियों के अपार आईडी जनरेशन को लेकर दिशा निर्देश का अनुपालन नहीं करने पर मनमाने ढंग से जिले के माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों का माह जनवरी का वेतन अवरोध कर दिया गया, जिससे भारी परेशानी व मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के विरोध में संघ ने आवाज उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीआईओएस की लापरवाही व समय से कदम नहीं उठाने के कारण अपार आईडी जनरेट करने केदलक्ष्य से जिला पिछड़ा है। इस कार्य के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय व राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा लखनऊ द्वारा सितंबर व अक्टूबर माह में सभी डीआईओएस को निर्देश जारी कर दिए थे। इस पर तत्समय कदम नहीं उठाने और अब लक्ष्य पूर्ण नहीं होने का बहाना बनाकर शिक्षकों, प्रधानाचार्यों व कर्मियों का वेतन रोका जा रहा है, जो निंदनीय है। संघ द्वारा मुख्यमंत्री योगी के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें कहा गया कि अब यदि अपार आईडी जनरेट कराने का जल्दबाजी में कार्य कराया गया तो इसमें गलतियों की संभावना होने के कारण इसका खामियाजा भविष्य में विद्यार्थियों को भुगतना पड़ सकता है। महिला विंग की जिलाध्यक्ष बबीता राणा ने आरोप लगाया कि डीआईओएस बिना अभिभावकों की सहमति से उक्त अपार आईडी जनरेट करवा रहे हैं, जो गलत है। इसमें शिक्षकों का दोष नहीं है। उन्होंने रूका वेतन जारी कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि ये निर्णय नहीं हुआ तो जनपद के शिक्षक शिक्षा कार्य से विरत रहकर सामूहिक रूप से हड़ताल करेंगे। शुक्रवार को धरने की अध्यक्षता यशपाल सिंह व संचालन सुनील चौधरी ने किया। इस दौरान मुख्य रूप से डॉ. राहुल कुशवाहा, बबीता राणा, यशपाल सिंह, कपिल त्यागी, सुनील चौधरी, शालिनी सिंह, सत्यकाम तोमर, बाकर अली, तेजपाल सिंह, नीरज कुमार, विनोद, विनुज कुमार, मनोज शर्मा, वशिष्ठ भारद्वाज सहित अन्य शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद रहे।







