मुजफ्फरनगर। समूचे उत्तर भारत के साथ वेस्ट यूपी में मौसम के बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। वहीं मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर के साथ आसपास के क्षेत्रों में तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बारिश के साथ कोहरे के कहर से इन्कार नहीं किया जा सकता है। मौसम में जारी बदलाव के बीच सोमवार की सुबह कोहरे व ठंड के साथ शुरू हुई। घने कोहरे के लिए ऐसे में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि कई दिनों के बाद सोमवार को दिन का तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस के साथ ही गलन 97 प्रतिशत दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले दो दिन यानि 05 फरवरी तक बादलों की आवाजाही के साथ कई इलाकों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के साथ मेरठ व सहारनपुर मंडल के साथ ही लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, आगरा समेत कई जिलों में घने कोहरे का आॅरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
पहाड़ों पर जारी बर्फबारी के बीच सर्द हवाओं के थपेड़ों के बीच उत्तर भारत में मौसम फिर से बदलाव की दिशा में सक्रिय हो रहा है। मौसम में बदलाव के बीच में इस बार फरवरी माह का पहला सप्ताह मौसम के उतार-चढ़ाव के साथ बीतेगा। भारतीय मौसम विभाग ने जारी अलर्ट में हिमालयी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल के साथ उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई है। इन राज्यों में न्यूनतम तापमान माइनस डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जिससे कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। बाकी ऊंचाई वाले तमाम इलाकों में तेज ठंड का असर दिख रहा है, जिसका प्रभाव मैदानी राज्यों तक पहुंच सकता है। ऐसे में मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा-पंजाब में अगले दो दिनों यानि 4 से 5 फरवरी में बादलों की आवाजाही बनी रहने के साथ इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना व्यक्त की है वहीं कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ इस बीच बिजली चमकने के आसार भी हैं। स्काईमेट के पूर्वानुमान के मुताबिक घने कोहरे की वजह से फ्लाइट और रेल यातायात तो प्रभावित हो सकता है उसके साथ हाईवे से संपर्क मार्गों तक तमाम वाहनों की गति को सुबह व शाम ब्रेक लगते देखे जा सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बारिश और ठंडी हवाओं से तापमान में उतार-चढ़ाव होगा, जिससे लोगों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत बताई है। वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों के लिए अगले दो दिनों में होने वाली ये बारिश फायदेमंद हो सकती है क्योंकि गेहूं व अन्य फसलों को प्राकृतिक सिंचाई का फायदा मिलेगा।






