मुजफ्फरनगर। अभिनव भारत की उपाधि से विभूषित आचार्य पं. सीताराम चतुर्वेदी के जन्मोत्सव पर वेदपाठी भवन मेें आयोजित सृजन मनीषी अलंकरण श्रृंखला समारोह में इस वर्ष सुविख्यात कवि श्याम सुन्दर शर्मा अकिंचन एवं डॉ. उमाकान्त शुक्ल को सृजन मनीषी अलंकरण से सम्मानित किया गया। सोमवार को वेदपाठी भवन पंचमुखी में आयोजित अखिल भारतीय विक्रम परिषद काशी मुजफ्फरनगर द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्याम सुन्दर शर्मा अकिंचन एवं डॉ. उमाकान्त शुक्ल, प्रियशील चतुर्वेदी, रत्न गुरू, पुष्पेन्द्र अग्रवाल, सुरेंद्र अग्रवाल व नरेन्द्र बोस द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया।
कार्यक्रम में सम्मानित होने वाले कवि श्याम सुन्दर शर्मा छाता मथुरा के निवासी हैं, इन्होंने लाडली शतक, पाती की प्रतिक्रिया ब्रजभाषा, किनारों की वेदना, प्रीत पांखुरी, गीत गंगा में स्थापित कवि के रूप में सहभागिता निभाई। इन्हें नगररत्न, कविता, कालिन्दी सम्मान, सृजन भारती सम्मान, अनुभूति सम्मान, त्रिवेणी सम्मान, सूर सम्मान, डॉ. शुभम नारायण पांडेय सम्मान, ब्रज विभूति सम्मान, ब्रज भूषण भाषा सम्मान तथा भिन्न- भिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया। वहीं साहित्यकार डॉ. उमाकान्त शुक्ल ने मङ्गाल्या, परीष्टिदर्शनम, चाङ्गेरिका, कूहा स्मृति पच्चाशिका, चैत: पच्चाशिकर, अनुबोध पच्चाशिका रचनाएं लिखी है। इस कार्यक्रम में कवि सम्मेलन में ओंकार गुलशन, नेमपाल प्रजापति, सुशीला शर्मा, ब्रज किशोर चतुर्वेदी, ऋषिराज राही, सन्तोष शर्मा एड. ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में डॉ. प्रदीप जैन, डॉ. सुभाष शर्मा, अलका जैन, प्रदीप शर्मा, अनिल रॉयल, प्रदीप शर्मा, संजय सक्सेना, वैभवशील चौधरी, सुनील उपाध्याय, विश्व रत्न, सुशील, मुनीष शर्मा, निहार रंजन सोनी, प्रदीप सैनी, योगेश जैन, प्रदीप, अवि वर्मा, उत्तम वर्मा, मोनू बंसल, सौरभ गौतम आदि मौजूद रहे।






