मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर मार्च निकालकर देशभर में शक्ति प्रदर्शन किया। इस कड़ी में भाकियू जिला कार्यालय पर रविवार को राष्टÑीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत, जिलाध्यक्ष नवीन राठी समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने ध्वजारोहण करते हुए राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में राष्ट्रगान भी किया। चौ. शक्ति सिंह ने अग्रणी भूमिका निभाते हुए सामूहिक रूप से राष्ट्रगान कराया और देश पर बलिदान हुए शहीदों को भी याद किया।
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने ने देशवासियों को 76वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर हर व्यक्ति को एक अवगुण छोड़ना चाहिए। यदि कोई नशे की प्रवृत्ति पर है तो उसे नशे की प्रवृत्ति छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अच्छा लगता है जब देश में छोटे-छोटे बच्चे इस तरह राष्ट्रीय पर्व को मनाते हैं, इससे देशभक्ति का जज्बा मन में पैदा होता है। रविवार को जनपद में निकाली गई ट्रैक्टर यात्रा सदर ब्लॉक नई मंडी से और मुजफ्फरनगर रुड़की चुंगी से ट्रैक्टर का काफिला चला और अंसारी रोड पर एकत्रित होकर शिवचौक पर संपन्न किया गया। इस दौरान किसानों के इस ट्रैक्टर मार्च को देखने के लिए नगर के मुख्य चौराहों से बाजारों में घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। घंटों की मशक्कत के बाद जब जाम खुला, तब लोगों ने राहत की सांस ली।
जनपद मुख्यालय के अलावा क्षेत्र के कस्बा बघरा के अलावा चरथावल, जानसठ, खतौली, शाहपुर, बुढ़ाना, मोरना और पुरकाजी ब्लॉक में भी किसानों की ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा बड़ी भारी संख्या के साथ निकाली गई। इस बीच जानसठ में योगेश बालियान, पुरकाजी में मोनू चौधरी, खतौली में सत्येंद्र चौहान, शाहपुर में जितेंद्र बालियान, बुढ़ाना में संजीव पंवार और सुधीर शेरावत बघरा, मान सिंह मलिक चरथावल, संजय त्यागी, मोरना राजा चौधरी, सदर ब्लॉक में देव अहलावत, गुलशन चौधरी, मुजफ्फरनगर में गुलबहार राव नगराध्यक्ष के नेतृत्व में ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से कपिल सोम, मनोज बालियान, पीयूष पंवार, मौहब्बत अली राव, अनुज बालियान, बलराम सिंह, सोनिया सैनी, आयूष निर्वाल, महमूद त्यागी आदि उपस्थित रहे।

मुजफ्फरनगर में अकीदत के साथ निकाला गया 7वीं मोहर्रम का ऐतिहासिक जुलूस
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में 7वीं मोहर्रम के अवसर पर सुबह से ही मजलिसों और मन्नत-ओ-नज्र का दौर शुरू हो गया। रसूल-ए-अकरम के कौल “हुसैन मुझसे है और मैं हुसैन से हूँ” को याद करते हुए कचेहरी गढ़ी और इमली जमाल अब्बास में नजर-ओ-नियाज का एहतमाम किया गया। इसके बाद मोती महल से रिवायती जुलूस बरामद






