मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास प्लस 2024 सर्वेक्षण को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है, इसमें आज से शुरू होने वाले प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास प्लस सर्वेक्षण में ऐसे लाभार्थियों का चयन किया जाना है, जो आवास विहीन हों। परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण ने बताया कि आवास प्लस अभियान के तहत सर्वे के दौरान जरुरतमंदों का सूची में नाम दर्ज करके उन्हें आवास का लाभ प्रदान किया जायेगा। ऐसे में ग्राम पंचायत सचिव की जिम्मेदारी है कि सर्वे के दौरान ऐसे परिवारों का सर्वे अनिवार्य रूप से किया जाए ताकि पात्रों को योजना का लाभ मिल सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत केन्द्रीय मंत्री मंडल ने योजना को आगामी पांच वर्ष के लिये वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक की मंजूरी दी है। ऐसे में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार ने आवास प्लस की सूची को अद्यतन करने के लिए आवास प्लस सर्वे 2024 प्रारंभ किया। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का सर्वे जिले में ग्राम पंचायत में नियुक्त किए सर्वेयर सचिव या रोजगार सहायक द्वारा किया जायेगा। सर्वे कार्य आवास प्लस एप-2024 से किया जाएगा। इसमें हितग्राही स्वयं के मोबाईल से भी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए मोबाइल एप्लीकेशन आवास प्लस 2.0 ग्रामीण विकास मंत्रालय एनआईसी द्वारा निर्मित किया गया है। इस ऐप की लिंक आवास सॉफ्ट पोर्टल पर भी उपलब्ध है। सर्वे के लिए समस्त जिले, जनपद व ग्राम पंचायत के अधिकारियों एवं नामांकित सर्वेयर को प्रशिक्षण दिया है। सर्वे 31 मार्च तक पूर्ण कर लिया जायेगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा एक अप्रैल 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण प्रारंभ की गई। जिसके अंतर्गत सभी पात्र बेघर परिवारों और कच्चे तथा जीर्ण-शीर्ण मकानों में रह रहे परिवारों को बुनियादी सुविधा युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना निदेशक ने बताया कि जिनके पास कार, 50,000 हजार या इससे अधिक ऋण सीमा वाले किसान क्रेडिट कार्ड होगा वह योजना में अपात्र होंगे। इसके अलावा जिसके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, वो परिवार जिनका कोई सदस्य 15,000 रुपये से अधिक प्रतिमाह कमा रहा हो, आयकर देने वाले परिवार, व्यवसाय करने वाले परिवार अपात्र होंगे। वहीं वह किसान जिनके पास 2.5 एकड़ या इससे अधिक सिंचित भूमि हो एवं वे परिवार, जिनके पास 5 एकड़ से अधिक असंचित भूमि हो वह भी अपात्र होंगे।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत ग्रामीण परिवारों के सभी आवास विहीन परिवार एवं शून्य, एक या दो कमरों के कच्ची दीवार और कच्ची छत युक्त मकानों में रहने वाले परिवार को शामिल किया जायेगा। इस बार दो तरीके का सर्वे होगा एक तो सेल्फ रजिस्ट्रेशन का विकल्प है जिसमें कोई भी लाभार्थी स्वयं ऐप से सेल्फ रजिस्ट्रेशन कर सकता है। एक मोबाइल से केवल एक ही परिवार का सेल्फ रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। दूसरा सर्वेयर द्वारा रजिस्ट्रेशन का काम किया जायेगा। सर्वेयर द्वारा किए जाने वाले रजिस्ट्रेशन में जो भी पात्र लाभार्थी हैं, उनके घर पर जाकर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। जब सर्वे एप पर अपना आधार नंबर डालेगा फिर अपने फेस को कैमरे के सामने लाएगा तो उसका आॅथेटिकेशन होगा। उसके बाद सर्वेयर की ओर से परिवार का विवरण भरा जाएगा।






