मुजफ्फरनगर। पीएम सूर्य घर योजना के तहत जनपद में 49 हजार घरों को सौर ऊर्जा से रोशन करने के लिए नेडा विभाग के पसीने छूट रहे हंै। शासन स्तर से 50 हजार घरों को सौर ऊर्जा से रोशन करने का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद अभी तक करीब 971 घरों में सोलर प्लांट लग पाया है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए वैंडरों की सक्रियता के अभाव के साथ बैंक प्रबंधकों की ओर से लोन स्वीकृत किए जाने में हो रही देरी बड़ा कारण मानी जा रही है, जिसमें आलाधिकारियों को मंथन करने की जरुरत है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना में शुमार पीएम सूर्य घर योजना के अन्तर्गत जिले में कुल 50 हजार घरों पर आॅनग्रिड सोलर रूफटॉप पॉवर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अन्तर्गत दो किलोवाट संयंत्र की स्थापना पर 90 हजार रुपए का अनुदान एवं तीन किलोवाट के संयंत्र पर 1.08 लाख रुपए राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है। बैंक द्वारा 7 प्रतिशत ब्याज दर पर लाभार्थियों को लोन दिए जाने की सुविधा उपलब्ध है। इस कड़ी में शासन स्तर से जारी शर्तों में 1 किलोवाट से 10 किलोवाट तक के घरेलू विद्युत कनेक्शन वाले लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। वहीं दो किलोवॉट के कनेक्शन पर माह में लगभग 300 यूनिट विद्युत का उत्पादन होता है, जिसमें नेट मीटर की भी सुविधा है। जनपद में वर्तमान में 25 वेण्डर्स पंजीकृत है। संयंत्र स्थापना हेतु लाभार्थी को नेशनल पोर्टल पर आवेदन करना होता है। करीब 22.622 लोगों द्वारा पंजीकरण किया गया है, जिसमें से 3781 आवेदन स्वीकृत हुए हंैं। वहीं 971 लोगों के घरों में सोलर प्लांट लग चुका है। करीब 687 लोगों को 4.90 करोड़ का अनुदान शासन स्तर से अब तक मिल चुका है।
परियोजना प्रभारी नेडा भजन सिंह ने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के अन्तर्गत 50 हजार घरों में आॅनग्रिड सोलर रूफटॉप पॉवर प्लांट स्थापित करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि इस योजना में अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपए का अनुदान देय है। उन्होंने बताया कि एक किलोवाट से 10 किलोवाट तक के घरेलू विद्युत कनेक्शन वाले लाभार्थी योजना का लाभ उठा सकते है। उन्होंने कहा कि एक किलोवाट के संयंत्र में प्रतिदिन औसतन 5 यूनिट विद्युत उत्पादन होता है। आमतौर पर घरों में 2 किलोवाट के विद्युत कनेक्शन होते हैं, इसमें औसतन प्रतिदिन 10 यूनिट तक विद्युत प्राप्त होती है।






