मुजफ्फरनगर। पालिका संग क्षेत्र के 55 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़े का कलेक्शन करने में जुटी एमआई टूसी कंपनी में फिर हड़ताल हो गई, जिसके कारण रविवार को शहर में घर-घर कूड़ा उठान कार्य नहीं हो पाया। कंपनी के प्राइमरी जोन में रविवार सुबह डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए कर्मियों ने सुपरवाइजरों का वेतन रोकने के विरोध में भोपा रोड पार्किंग पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और वाहनों का चक्का जाम कर दिया। कंपनी अधिकारियों ने समझाया, लेकिन बिना वेतन दिए काम पर निकलने से इन कर्मियों ने इंकार कर दिया।
नगरपालिका परिषद् को ग्रीन एंड क्लीन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप को दिल्ली की एमआईटूसी कंपनी के साथ अनुबंध रास नहीं आ रहा है, जिसके कारण बड़ी धनराशि देने के बावजूद भी शहरी के 55 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य में सफलता नहीं मिल रही है। हालांकि इसके लिए सभी 55 वार्डों में कंपनी ने टीम के साथ टिपर गारबेज वाहनों के साथ कर्मचारी प्रतिदिन घर घर से कूड़ा उठान कार्य करते हैं। पूर्व में हुई एक सप्ताह की हड़ताल में बेपटरी हुआ अभियान रविवार को फिर से हुई हड़ताल से ठप हो गया। इस बीच कूड़ा उठाने वाली गाड़ी पार्किंग से नहीं निकली और कर्मियों ने कंपनी पर वेतन रोकने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर कामबंद हड़ताल कर दी। प्रदर्शन के दौरान ही कंपनी के परियोजना प्रबंधक कुलदीप सिंह व अन्य अधिकारी उनके बीच पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मियों ने वेतन मिलने तक काम पर जाने से इंकार कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि कंपनी ने वार्डों में लगे सभी 55 सुपरवाइजरों का वेतन रोक दिया है। एसे में जब तक वेतन नहीं मिलेगा वो काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
इन्होंने कहा-
कंपनी के परियोजना प्रबंधक कुलदीप सिंह का कहना है कि सुपरवाइजरों की जिम्मेदारी वार्डों में घर-घर यूजर चार्ज फीस वसूल करते हुए उसे कंपनी के अकाउंट में जमा कराने की है। ऐसा देखने में आया है कि सुपरवाइजरों द्वारा घरों से बिना पर्ची दिए यूजर चार्ज वसूला गया और उसका हिसाब नहीं दिया जा रहा है। इसमें 55 सुपरवाइजरों में से मात्र 10-12 ने अपना हिसाब किया है। जबकि अन्य सुपरवाइजरों पर यूजर चार्ज के रूप में एक से दो लाख रुपये बकाया चल रहा है, लाख कहने पर भी वो हिसाब करने को तैयार नहीं है। ऐसे में सभी सुपरवाइजरों का दिसम्बर माह का वेतन रोका है, जबकि कूड़ा कलेक्शन में लगे वाहन चालकों व हैल्परों का वेतन दिया गया है। सुपरवाइजरों का दिसम्बर माह का वेतन तब तक जारी नहीं होगा, जब तक वो यूजर चार्ज का हिसाब कंपनी कार्यालय में आकर नहीं देते हैं। हमने यही संदेश दिया है, जो भी सुपरवाइजर अपना हिसाब देगा, उसका वेतन उसी समय जारी कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि वाहन चालकों व हैल्परों को सुपरवाइजरों ने बरगला कर ही कामबंद हड़ताल कराई, उनको चेतावनी दी गई है कि यदि वो काम पर नहीं लौटते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी।






