नई कलेक्ट्रेट बनाने की शुरू हुई जिले में कवायद, भूमि की तलाश शुरू

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मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर की अंग्रेजी जमाने की कलेक्ट्रेट के स्थान परिवर्तन के साथ शहर में जाम की समस्या के निदान की दिशा में शुरू कवायदों के बीच डीएम ने अधीनस्थों के साथ नेशनल हाईवे पर छपार के निकट सरकारी भूमि का गुरूवार को निरीक्षण किया। कलेक्ट्रेट को नये कलेवर में लाने के लिए एक कदम आगे बढ़ाया गया है। हालांकि अभी तलाशी गई भूमि अंतिम फैसला नहीं है, पर आने वाले दिनों में शहरी क्षेत्र में वाहनों के दबाव के साथ बढ़ती जनसंख्या के बीच कलेक्ट्रेट में सुधार की कवायद तेज हो गई है। करीब एक वर्ष पूर्व मिले इस लैंड बैंक पर नई कलेक्ट्रेट निर्माण के लिए जो कवायद ठण्डे बस्ते में चली गई थी, उसे डीएम उमेश मिश्रा ने सर्द मौसम में नई गरमाहट प्रदान करने का काम किया है।

गुरूवार को इन्हीं व्यवस्थाओं के बीच डीएम उमेश चन्द्र मिश्रा एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह के साथ सिसौना-छपार हाईवे की लैंड बैंक का स्थलीय निरीक्षण करते हुए वहां पर नई कलेक्ट्रेट की संभावनाओं को तलाशने के साथ ही एडीएम प्रशासन को इस संबंध में प्रस्ताव देने को कहा, ताकि उसे शासन में भेजकर नई कलेक्ट्रेट निर्माण की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने यहां पर मिले सरकारी लैंड बैंक का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण की आवश्यकताओं को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि छपार क्षेत्र में मिले करीब 7 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर नई कलेक्ट्रेट बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां जीएसटी कार्यालय का निर्माण कराने की योजना है। उन्होंने बताया कि पूर्व में तत्कालीन एसडीएम सदर से रिपोर्ट तैयार कराई गई थी। यहां पर कलेक्ट्रेट को विकसित करने के लिए लैंड बैंक मिला है। डीएम ने हालांकि इसके अलावा अन्य आधा दर्जन विकल्प खुले रखते हुए उन पर काम किए जाने की बात की है।
बता दें कि मुजफ्फरनगर को साल 1826 में ईस्ट इंडिया कंपनी शासन द्वारा राजस्व जिला घोषित किया था। इसके साथ ही वर्तमान कोर्ट रोड पर कलेक्ट्रेट स्थापना करते हुए यहां पर अंग्रेजी हुकूमत का पहला कलेक्टर नियुक्त किया था, तभी से यहां कलेक्ट्रेट का वजूद बना हुआ है। करीब 198 साल का इतिहास यह कलेक्ट्रेट अपने आप में समेटे हुए हैं। पिछले दिनों इसी कलेक्ट्रेट में मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव तैयार कराया गया। नक्शा भी बना लिया गया, लेकिन बाद मे इसे यहां से स्थानांतरित कराने की कवायद की गई। इसी कड़ी में एडीएम प्रशासन ने सितम्बर माह 2023 में जिला मुख्यालय से होकर गुजर रहे हाईवे के आसपास लैंड बैंक की तलाश की। इसमें छपार दिल्ली देहरादून हाईवे पर उन्हें बड़ा लैंड बैंक मिला। इसी बीच कलेक्ट्रेट में अंग्रेजी काल का डीएम दफ्तर ढह गया। अब फिर नई कलेक्ट्रेट को शहर से बाहर छपार ले जाने की कवायद ने नई गरमाहट पैदा की है।

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