मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जनपद में तमाम प्रयासों के बावजूद चकबंदी विभाग में सुधार के आसार दूर तक दिखाई नहीं दे रहा। कहना गलत न होगा कि चकबंदी विभाग की समस्याओं को लेकर कोई भी किसान संगठन ऐसा नहीं जो इस विभाग के अफसरों पर तमाम आरोप न लगाता हो या कोई भी ऐसा किसान दिवस मुख्यालय पर नहीं हो सका, जिसमें चकबंदी विभाग के प्रति गुस्सा दिखाई न दिया हो, लेकिन विभाग में सुधार होता दिखाई नहीं दिया।
बुधवार को एक बार चकबंदी विभाग में उप संचालक चकबंदी द्वारा रिश्वत लेने के मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने धरना देते हुए डीएम से उक्त चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ जांच समिति गठित करने व खामपुर गांव की पूरी चकबंदी प्रक्रिया की जांच उच्चाधिकारियों से कराए जाने की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष अंकित चौधरी ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना कलेक्ट्रेट में यूं ही जारी रहेगा। डीएम कार्यालय पर धरने पर मौजूद रहे अधिकांश वक्ताओं ने जिले के चकबंदी अधिकारियों पर कार्रवाई न किए जाने के उक्त मामले में सुविधा शुल्क की आड़ में हो रही लूट खसोट को बंद कराए जाने की मांग की। इस दौरान धरने पर दर्जनों किसान मौजूद रहे।






