नहीं सुधरे हालात, 4 दिन से कंपनी कर्मचारियों की हड़ताल

Share :

मुजफ्फरनगर। पालिका प्रशासन के साथ अनुबंध के आधार पर नगर क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में लगी नई दिल्ली की एमआईटूसी कंपनी का बाजा बज चुका है। कंपनी के साथ डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए वार्डों में काम कर रहे करीब 300 कर्मियों की बीते चार दिनों से जारी हड़ताल का कोई समाधान न होने से नगर की सड़कों के बाद अब घरों में भी कूड़े के ढेर लगने लगे हैं। ऐसे में लोग घरों तक सफाई कर्मियों के नहीं पहुंचने के कारण कूड़े को लेकर परेशान हैं, वहीं अभी सफाई कर्मियों ने शुक्रवार को काम पर वापस लौटने का मन अभी नहीं बनाया है, जबकि कंपनी अफसर हड़ताल समाप्त होने के दावे कर रही है। इन्हीं हालातों के बीच शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रही और वाहन नहीं चले। इसके साथ ही उन्होंने टाउनहाल पहुंचकर प्रदर्शन किया तो वहीं कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कंपनी से 2 माह का शेष वेतन दिलाने की मांग की।
दिल्ली की कंपनी एमआईटूसी सिक्योरिटी एण्ड फैसिलिटी प्रा. लि. को नगरपालिका परिषद् ने शहर के 55 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और डलावघरों से कूड़ा निस्तारण के लिए ठेका दिया था। अनुबंध के तहत नगर पालिका इसके लिए कंपनी को 92 लाख रुपये प्रतिमाह भुगतान कर रही है और कंपनी को यूजर चार्ज एकत्र करते हुए पालिका में जमा कराना था, लेकिन कंपनी ने यूजर चार्ज के लिए 20 लाख का भुगतान करने को जो चैक पालिका में दिया, वो बाउंस हो जाने के कारण पालिका ने कंपनी को भुगतान रोक दिया। कंपनी ने भी अपने कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं दिया। कंपनी पर प्राइमरी सैक्शन में डोर टू डोर कूड़ा कलैक्शन करने वाले करीब 300 कर्मियों का 2 माह का वेतन लम्बित है। इसके लिए तीन दिन पूर्व कर्मचारियों ने गारबेज टिपर वाहनों का चक्का जाम करते हुए कामबंद हड़ताल कर दी। चौथे दिन भी हड़ताल जारी रही और कर्मियों ने टाउनहाल में पहुंचकर कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पालिका प्रशासन से हस्तक्षेप कर वेतन दिलाने की मांग की। वहां पर ईओ और नगर स्वास्थ्य अधिकारी के न मिलने के कारण कर्मचारी जुलूस के रूप में डीएम कार्यालय पहुंचे और डीएम के नाम नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप को सौंपे ज्ञापन में दो माह का वेतन दिलाने की मांग की। उन्होंने वेतन मिलने से पूर्व काम पर लौटने से इंकार कर दिया। इस बीच कर्मचारियों ने कंपनी पर अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की।

इन्होंने कहा-
नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने बताया कि नगरपालिका के साथ अनुबंध पर काम कर रही एमआईटूसी कंपनी ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में लगे अपने कर्मियों का 2 माह से वेतन नहीं दिया, जिसे लेकर गतिरोध बनने पर कर्मियों ने हड़ताल कर रखी है। कंपनी का पालिका से जो अनुबंध हुआ है, उसकी शर्तों का पालन नहीं करने का आरोप है। इसमें वेतन देना पालिका की नहीं, कंपनी की जिम्मेदारी है। हमने वेतन दिलाने का भरोसा देकर कर्मियों को काम पर लौटने के लिए कहा है। वहीं कंपनी के अधिकारियों को कार्यालय बुलाया गया है। कंपनी के साथ पालिका के लोगों से वार्ता कर स्थिति की जानकारी की जायेगी।

कंपनी के सेकेंड्री प्वाइंट इंचार्ज कुलदीप सिंह ने बताया कि पालिका से भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक संकट खड़ा हो गया। उन्होंने बताया कि बीते दिवस शुक्रवार को 15 टिपर वाहनों को वार्डों में निकाला गया है। कर्मचारियों से वार्ता जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Cricket Score
Share Market
Gold Silver Price
Rashifal