मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने महाभारतकालीन पौराणिक तीर्थ स्थल का कायाकल्प करने को लेकर अब अभियान छेड़ दिया है। इसकी कार्य योजना बनाने के लिए शुक्रवार को डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए इसके ले आउट प्लॉन को साझा किया और अफसरों के सुझाव भी मांगे। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में शुकतीर्थ को हरिद्वार की तर्ज पर पौराणिक तीर्थ के रूप में देश-विदेश में नई पहचान दिलाई जायेगी।
जिलाधिकारी उमेश मिश्र की अध्यक्षता में शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह सभागार में संपन्न जिला स्तरीय बैठक में शुकतीर्थ के विकास के साथ व्यवस्था को लेकर बिन्दूवार चर्चा की। डीएम ने शुकतीर्थ को पौराणिक तीर्थ होने के नाते धार्मिक पर्यटन का बड़ा हब बनाने की कार्ययोजना पर अधिकारियों को एक समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि शुकतीर्थ को विकसित करने के साथ वहां पर धार्मिक तीर्थाटन करने के लिए आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधा देने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। इस पौराणिक क्षेत्र को देश में नई पहचान दिलाई जाये, यही प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में गंगा की मुख्य धारा को गंगाघाट पर लाने के लिए हो रहे प्रयासों पर मंथन के साथ अब तक की तैयारियों पर विचार किया गया। वहीं फैक्ट्रियों से गंगा में डाले जा रहे गंदे पानी को रोकने के साथ इस क्षेत्र में जरुरत के आधार पर पुल निर्माण, घाट और अन्य सौंदर्यकरण को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। बता दें, शुक्रतीर्थ में गंगाघाट सोनाली नदी पर बनाया हुआ है, जो गंगा की ही सहायक नदी है। इस नदी की कुल लंबाई 133 किमी है, जिसमें से महज 61 किमी उत्तर प्रदेश में है, जबकि बाकी हिस्सा उत्तराखंड में है।
बैठक में एडीएम वित्त गजेंद्र कुमार व नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप, एसपी ट्रैफिक अतुल चौबे, एसडीएम सदर निकिता शर्मा, एसडीएम जानसठ सुबोध कुमार, एसडीएम खतौली मोनालिसा जोहरी, एसडीएम बुढ़ाना राजकुमार भारती, तहसीलदार खतौली श्रद्धा गुप्ता, एआरटीओ अजय मिश्रा, पालिका एई निर्माण अखंड प्रताप सिंह समेत एमडीए, वन और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






