मुजफ्फरनगर। यूपी बोर्ड माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की वर्ष 2024-25 की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी जिला मुख्यालय से ले कर प्रयागराज तक जारी है। बोर्ड से जनपद में निर्धारित हुए 71 परीक्षा केंद्रों में 50 आपत्तियां दर्ज हुई हैं, जो अधिकारियों के सामने चुनौती बनकर खड़ी हो गई है। इन आपत्तियों में जहां वित्तविहीन स्कूलों में बनाए केंद्रों को लेकर 90 प्रतिशत प्रधानाचार्यों ने केंद्र नहीं बनाने के लिए आपत्ति दी है। वहीं, 12 राजकीय विद्यालयों में परीक्षा केंद्र बनाने से संबंधित मानक पूरे ही नहीं हैं। फरवरी के अंत में या फिर मार्च में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाएं शुरू होने की संभावनाएं हैं। 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षार्थियों को केंद्र बनाने की प्रक्रिया के तहत कार्य चल रहा है। इसी कड़ी में बोर्ड ने जनपद से 71 विद्यालयों को चयनित कर परीक्षा केंद्र बनाए, जिसमें 14 नवंबर तक ही 50 आपत्तियां आ गई, इसमें वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने डीआइओएस कार्यालय में आपत्ति लगाते हुए अपने विद्यालयों को परीक्षा केंद्रों की सूची से बाहर रखने की गुहार के साथ ही मानक पूरे नहीं होने की जानकारी दी। वहीं राजकीय विद्यालयों पर भी आपत्तियां लगी। जनपद में 16 राजकीय विद्यालयों को केंद्र बनाया गया, जिसमें मात्र शहर के राजकीय इंटर कॉलेज, सिसौली राजकीय कॉलेज, भैंसी व गढ़ी शेखावत स्थित राजकीय इंटर कॉलेज ही केंद्र बनाने के लिए सक्षम है। इसके अलावा 12 राजकीय विद्यालय अंदर के क्षेत्रों में स्थित होने और सुविधाएं न होने के चलते बोर्ड परीक्षा केंद्र सूची से बाहर किए जाएंगे। अब इन आपत्तियों का निस्तारण करते हुए 30 नवंबर तक अंतिम सूची तैयार होगी।
इन्होंने कहा।
डीआईओएस राजेश श्रीवास ने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 16 राजकीय, 45 अशासकीय,10 वित्त विहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया था, दर्ज कराई आपत्तियों में 50 आपत्ति वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने दी है।






