मुजफ्फरनगर। मीरांपुर विस उपचुनाव में आचार संहिता उल्लघंन के मामले में सपा प्रत्याशी सुम्बुल राणा के खिलाफ भोपा थाने में रिपोर्ट दर्ज होने से सपाईयों में उबाल सा आ गया है। पुलिस की कार्रवाई से पनपे आक्रोश के बीच मीडिया से रूबरू होते हुए सपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाने के आरोप लगाते हुए उक्त कार्रवाई की शिकायत निर्वाचन आयोग से लेकर चुनाव प्रेक्षक, प्रमुख सचिव गृह के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी से भी की है। इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों से मुकदमा वापस लेने की मांग की।
सपा कार्यालय में बुधवार को सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौ. रूद्रसेन, सपा जिला अध्यक्ष जिया चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी एड., पूर्व विधायक योगेश वर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुबोध शर्मा, ईलम सिंह गुर्जर एवं राकेश शर्मा आदि ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान राष्टÑीय महासचिव चौधरी रूद्रसेन ने कहा कि प्रदेश में जंगलराज कायम है, जहां कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। उपचुनाव में हार की आशंकाओं से बौखलाए हुए सपाईयों पर उत्पीड़न की उक्त कार्यवाही की जा रही है। प्रमोद त्यागी ने कहा कि चुनाव संहिता उल्लघंन मामले में भोपा थाने में तैनात उपनिरीक्षक जोगेन्द्र पाल सिंह ने कार संख्या यूपी 12 बीक्यू 0829 को सीज कर दिया लेकिन जब कार में सपा प्रत्याशी सुम्बुल राणा मौजूद ही नहीं है, फिर कैसे प्रत्याशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है? उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस ने सपा प्रत्याशी सुम्बुल राणा और पूर्व सांसद कादिर राणा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अधिकाारियों से मुकदमा खत्म करने एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान राजकुमार यादव, सतेन्द्र सैनी, विनय पाल आदि मौजूद रहे।






