मुजफ्फरनगर। मिशन शक्ति समेत तमाम अन्य योजनाओं के बूते जहां एक ओर सरकार बिटिया के महत्व को समाज में जागरूक करने और उनके प्रति सम्मान की दिशा में बढ़ रही है, उसी उद्देश्य से नगर के प्रेमपुरी स्थित जैन औषधालय में सामूहिक कन्या पूजन द्वारा करीब 1100 कन्याओं का पूजन करते हुए उन्हें प्रसाद, वस्त्र एवं उपहार भेंट किए। नव चेतना सेवा संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पहली बार इतने बड़े स्तर पर सभी वर्गों की कन्याओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि वास्तव में कन्याएं समाज व परिवार की धरोहर हैं, जिनका संरक्षण, शिक्षा व सम्मान समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम से बेटियों के प्रति सम्मान बढ़ाने का संदेश जाता है, वहीं समाज में समानता व एकता भी मजबूत होती है। नवचेतना सेवा संस्थान अध्यक्ष हरि ओम गोयल ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य समाज में बेटियों को सम्मान दिलाना और उनके प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। हरिद्वार से आए प्रमानंद महाराज ने कहा कि कन्या पूजन सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज का कर्तव्य भी है। उन्होंने शास्त्र सम्मत तरीके से कन्याओं का पूजन किया, जिसमें कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनके चरण धोए, तिलक कर आरती उतारी गई। कार्यक्रम में समाज के सभी वर्ग व समुदायों की कन्याओं का समान रूप से पूजन किया गया। कार्यक्रम में अंकित गोयल, पवन बंसल, डॉ. संजय अग्रवाल, सुभाष चंद्र अग्रवाल, मनोज गर्ग, विवेक सिंघल, प्रवीण मलिक, विकास अग्रवाल, मनोज आचार्य, दिनेश वर्मा, रोहित जैन, जितेंद्र, राजीव चंदा, प्रवीण वर्मा, शिवम, कार्तिकेय, विष्णु गर्ग, मारूत मित्तल, नितिन, कुलदीप, अंकित, गौरव, कशिश, शिवा सैनी, मनीष, निकुंज, राहुल शर्मा, सुधीर, रविंद्र, सचिन, राजीव, प्रवीण, जयवीर, सभासद प्रशांत चौधरी, सचिन, अभिषेक खन्ना एड. आदि ने योगदान दिया। अंत में कन्याओं को प्रसाद, भोजन और उपहार प्रदान कर विदा किया गया।

अधिवक्ता परिषद ब्रज मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा स्वाध्याय मण्डल कार्यक्रम आयोजित
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। अधिवक्ता परिषद ब्रज मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा स्वाध्याय मण्डल कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को स्वाध्याय मंडल कार्यक्रम राष्ट्रीय सभागार हाल सिविल बार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता शलभ बंसल ने कार्यक्रम के विषय *घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005* के विषय में विस्तार से चर्चा की और






