मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् की मार्किट में शिकमी किरायेदार के रूप में व्यापार कर रहे दुकानदारों ने शुक्रवार को टाउनहाल पहुंचकर केन्द्रीय राज्यमंत्री डाॅ. संजीव बालियान और चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप का घेराव करते हुए उनके सामने अपनी समस्याओं को उठाते हुए आरोप लगाया कि बोर्ड में प्रस्ताव पारित होने और चेयरपर्सन के आदेश होने के बावजूद भी उनकी किरायेदारी का मामला पालिका प्रशासन के अधिकारी निपटाने को तैयार नहीं है। करीब दो साल से वो पैसा जमा कराने को पालिका के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर मंत्री संजीव बालियान ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि पालिका की अगली बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाकर इस समस्या का स्थाई समाधान निकाला जायेगा।
शहर में नगरपालिका परिषद् की करीब 17 मार्किट स्थित हैं, इनमें लगभर 500 लोग पालिका के किरायेदार के रूप में अपना अपना व्यापार और धंधा चला रहे हैं। इनमें वारिसान, 15 साला प्रकरण और शिकमी किरायेदारी के मामले दशकों से उलझे हुए हैं। इन मामलों का निस्तारण करने के लिए पूर्व पालिका बोर्ड में निवर्तमान चेरयमैन अंजू अग्रवाल ने प्रस्ताव संख्या 125 पारित कराते हुए प्रीमियम और बकाया किराया राशि जमा कराये जाने के उपरांत शिकमी किरायेदारों के साथ नया अनुबंध करते हुए उनको पालिका का नियमित किरायेदार बनाने का रास्ता साफ किया था। इसमें जो प्रस्ताव लाया गया, उसमें छोटी बड़ी सभी दुकानों का प्रीमियत एक तरफा ही लागू कर दिये जाने के कारण व्यापारियों ने इसका मुखर होकर विरोध किया और इसमें संशोधन की मांग को लेकर महीनों तक आंदोलन किया गया था। इसी प्रस्ताव के आधार पर पालिका के चार शिकमी किरायेदारों ने अपना निर्धारित प्रीमियम भी जमा करा दिया था, उनका भी मामला विरोध के कारण उलझ कर रह गया। बाद में यह प्रकरण सहारनपुर कमिश्नर के दरवाजे तक जा पहुंचा।
बाद में केन्द्रीय राज्यमंत्री डाॅ. संजीव बालियान की पहल पर उनकी उपस्थिति में हुई पालिका बोर्ड की बैठक में अंजू अग्रवाल के कार्यकाल में ही शिकमी किरायेदारी का मामला सुलझाने के लिए नया प्रस्ताव 630 लाया गया और इसको सर्वसम्मति से पारित भी कर दिया गया था। इसमें दुकानों की नापतौल के आधार पर प्रीमियम राशि तय करने की व्यवस्था को लागू किया गया। इसी प्रस्ताव के तहत पालिका के शिकमी किरायेदार अपना नया अनुबंध कराना चाहते हैं, लेकिन करीब दो साल से इसको पालिका के अधिकारी लागू नहीं कर पा रहे हैं। इसी से समस्या उत्पन्न हो रही है।
शुक्रवार को जब केन्द्रीय राज्यमंत्री और चेयरपर्सन सभासदों के साथ टाउनहाल में विकास कार्यों का शिलान्यास करने के लिए पहुंचे तो पालिका के शिकमी किरायेदारों ने व्यापारियों के साथ उनका घेराव कर लिया। इन लोगों ने इस बात पर ऐतराज जताया कि जब बोर्ड से प्रस्ताव पारित है तो फिर कमिश्नर का अडंगा डालकर काम को रोका जा रहा है। इससे वो लगातार बकायादार के रूप में आर्थिक बोझ के तले दब रहे हैं। मंत्री से उन्होंने बोर्ड प्रस्ताव के अनुसार ही समाधान कराने की मांग की। मंत्री ने चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप और ईओ प्रज्ञा सिंह से बात करते हुए कहा कि पालिका की आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाकर इसका स्थाई समाधान कराया जाये। ईओ प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पूर्व में इस मामले को लेकर कमिश्नर द्वारा पत्र भेजकर दिशा निर्देश दिये थे, उसी के अनुसार कमिश्नर को पत्र भेजा गया है और मार्गदर्शन मांगा गया है। अब चेयरपर्सन के आदेश पर बोर्ड मीटिंग में प्रस्ताव लाकर समाधान कराया जायेगा। राज्य मंत्री का घेराव करने वालों में मुख्य रूप से व्यापारी नेता वीरेन्द्र अरोरा, भानु प्रताप, प्रवीण जैन चीनू, केवल चुग्घ, प्रतीक अरोरा, सुदर्शन चुग्घ और गुलशन आदि शामिल रहे।






