मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के सरकारी दफ्तरों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने अटेवा/एनएमओपीएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर पुरानी पेंशन बहाली के पक्ष एवं एनपीएस-यूपीएस के विरोध में पैदल जन आक्रोश मार्च के बूते शक्ति प्रदर्शन किया। इस बीच समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। आक्रोश रैली के बाद डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
गुरूवार दोपहर 2:30 बजे अटेवा जिलाध्यक्ष प्रीत वर्धन के आह्वान पर हजारों की संख्या में पेंशनविहीन शिक्षक, कर्मचारी व अधिकारी राजकीय इंटर कॉलेज में एकत्रित हुए। पुरानी पेंशन को कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा बताते हुए सभी ने एकजुट होकर इस आंदोलन को मजबूती देने के प्रति सरकार को स्पष्ट किया कि शिक्षक, कर्मचारी-अधिकारी अपने लक्ष्य प्राप्ति तक पीछे नहीं हटेंगे। उन्हें एनपीएस संशोधन या यूपीएस या कोई अन्य संशोधित योजना मंजूर नहीं। हमारा संघर्ष केवल और केवल हूबहू पुरानी पेंशन बहाली के लिए है। उन्होंने इन योजनाओं को कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताने के साथ सरकार से आग्रह किया कि सभी शिक्षकों, कर्मचारियों व अधिकारियों एवं अन्य कर्मियों की पुरानी व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल की जाए। पुरानी पेंशन की बहाली के जन आक्रोश मार्च में स्वास्थ्य, सिंचाई, लोक निर्माण, वाणिज्य कर, शिक्षा, पंचायती राज, कृषि, विद्युत, परिवहन, रेलवे, डाक, वन विभाग समेत सफाई कर्मचारी, चतुर्थ कर्मचारी, महिला शिक्षक, लेखपाल संघ, तहसील कर्मचारी संघ, संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद, महासंघ, कर्मचारी गन्ना विभाग, वाणिज्य विभाग, कृषि विभाग, समाज कल्याण विभाग व समस्त संघ आदि विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनोज कुमार, यशपाल अरोड़ा, डॉ. दीपक गर्ग, रमेश चंद्र, सुनील पंवार, विशाल भारद्वाज, अनुज वीर, रविन्द्र नागर, डॉ. संजीव लांबा, राहुल कुशवाहा, संजीव जावला, राहुल चौधरी, अरुण कुमार, कपिल तोमर, कैलाश, राहुल गोस्वामी, अनिल सिंह, गौरव कुमार, ऋषि गुप्ता, अम्मार हैदर, हरेंद्र मलिक, अनिरुद्ध कुमार, मनोज त्यागी, अजित पहिवाल, मगन, संजय कुमार, सरिता चौधरी, वंदना बालियान, उषा चौहान, सुचित्रा सैनी, राजश्री, बबीता, शालिनी सिंह, अंजलि गर्ग, प्रियंका शर्मा, संजय राठी, सार्थक शर्मा, कपिल शर्मा समेत बड़ी संख्या में संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।







