मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। राजकीय जिला चिकित्सालय पुरुष एवं जिला महिला चिकित्सालय में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल रहा और अनेक मरीज इलाज एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इधर-उधर भटकते दिखाई दिए। अधिकारियों के प्रयासों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य स्थिति में लाने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। वहीं कई स्वास्थ्य केंद्रों पर पूरे दिन ताले लटके रहे, जिसके कारण मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कामकाज ठप रहा, जबकि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्टिंग सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित हुए।

संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. सचिन जैन ने कहा कि हड़ताल के दूसरे दिन तक भी सरकार की ओर से वार्ता के लिए कोई सकारात्मक पहल सामने नहीं आई है। कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर सरकार को तत्काल वार्ता शुरू करनी चाहिए। डॉ. फैसल सिद्दीकी ने कहा कि यह बेहद निराशाजनक है कि आम जनता को हो रही परेशानियों के बावजूद सरकार संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता नहीं दिखा रही है। यदि समय रहते सकारात्मक कदम उठाए जाते, तो इस स्थिति से बचा जा सकता था। डॉ. सुदेश वर्मा ने कहा कि यदि सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी रही और कर्मचारियों की मांगों को अनसुना करती रही, तो आंदोलन और लंबा चल सकता है। कर्मचारी अपने अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ जारी रखेंगे। धरना स्थल पर आशा संघ की अध्यक्ष चौधरी निर्मला सिंह सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर एनएचएम संविदा कर्मियों के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने सरकार से मांग की कि संविदा कर्मचारियों की जायज मांगों को तत्काल पूरा किया जाए। डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एनएचएम संविदा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन तथा सम्मानजनक मानदेय एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।
टीबी संघ के अध्यक्ष अतुल भारद्वाज ने कहा कि टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को शुरू हुए 25 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इस कार्यक्रम में कार्यरत कर्मचारियों को आज भी सम्मानजनक वेतन नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों में योगदान देने वाले कर्मचारियों की आर्थिक एवं सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। धरना दे रहे कर्मचारियों ने एक स्वर में सरकार से अपील की कि वह आंदोलन को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाने के बजाय कर्मचारियों की समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान ले और शीघ्र वार्ता कर समाधान निकाले, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो सकें और कर्मचारियों को उनका वाजिब अधिकार मिल सके। धरने पर डॉ. सचिन जैन, मणिकांत त्यागी, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. फैसल सिद्दीकी, डॉ. सुदेश वर्मा, लवलेश, डॉ. मोनिका, नितिन त्यागी, सतीश कुमार, नरेश कुमार, डॉ. देवेंद्र, डॉ. अजय शर्मा, रोबिन कुमार, संदीप धीमान, अश्वनी कुमार, डॉ. शमशेर, संजय कुमार, डॉ. अर्पण जैन, मनोज कुमार, डॉ. फैजल परवेज, शिवकुमार, दिल नवाज, शैलेश कुमार, प्रतीक मलिक, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. अनिल कौशिक, डॉ. राकेश बंसल, डॉ. सागर, डिंपल रानी, मोनिका, अर्चना, अविनाश शर्मा, तंजीम, सचिन कुमार, हकीमुद्दीन सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे।

पथरी क्षेत्र में ओलावृष्टि और बारिश से फसलें तबाह, किसानों ने उठाई मुआवजे की मांग
पथरी हरिद्वार (रिपोर्टर)। पथरी क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि और बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। गन्ने, व गेहूं की फसल के साथ-साथ सब्जी की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। नुकसान से किसानों में भारी रोष है। शुक्रवार को क्षेत्र में हुई






