मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर एवं सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक), दिल्ली के मध्य शैक्षणिक एवं तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ। इस समझौते से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, कौशल विकास, ज्ञान-विनिमय तथा तकनीकी एवं औद्योगिक क्षेत्र में नए अवसर विकसित होंगे। कार्यक्रम में जितेंद्र सिंह, वैज्ञानिक एवं केंद्र प्रमुख, सी-डैक, दिल्ली ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए संस्थागत सहयोग एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रयासों के महत्व पर प्रकाश डाला। अरविंद कुमार, वरिष्ठ सलाहकार ने इस सहयोग को विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए उपयोगी अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
इसी क्रम में अपूर्व कोहली, वैज्ञानिक एवं ग्रुप हेड, एडवांस्ड कंप्यूटिंग ट्रेनिंग स्कूल, सी-डैक, दिल्ली ने उन्नत कंप्यूटिंग एवं तकनीकी शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में डॉ. शोएब अली, वरिष्ठ परियोजना अभियंता, सी-डैक, दिल्ली एवं डॉ. रिचा चौधरी, फैकल्टी एवं कोर्स काउंसलर, सी-डैक, दिल्ली की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। डॉ. रिचा चौधरी एवं डॉ. शोएब अली ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए विद्यार्थियों एवं संस्थान के साथ तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार रखे।इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक चेयरमैन डॉ. एस.सी. कुलश्रेष्ठ ने सी-डैक, दिल्ली के प्रतिनिधियों से वार्तालाप करते हुए कहा कि आज का समय तकनीकी परिवर्तन का समय है और उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करें।उन्होंने कहा कि सी-डैक जैसी प्रतिष्ठित तकनीकी संस्था के साथ यह सहयोग विद्यार्थियों को उन्नत कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक तकनीकी प्रणालियों, व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं उद्योगोन्मुखी कौशल से जोड़ने में सहायक होगा।डॉ. कुलश्रेष्ठ ने कहा कि हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसी शिक्षा एवं कौशल प्रदान करना है, जिससे वे राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को सक्षम बना सकें। हमें विश्वास है कि इस सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नई तकनीकों को सीखने तथा उन्हें व्यावहारिक रूप से लागू करने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) अश्वनी कुमार वशिष्ठ ने कहा कि यह एमओयू संस्थान के शैक्षणिक वातावरण को और अधिक तकनीक-केंद्रित बनाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि सी-डैक के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग से विद्यार्थियों को आधुनिक कंप्यूटिंग एवं उभरती तकनीकी के क्षेत्र में अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा।एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग, तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान, विद्यार्थियों का कौशल विकास, उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, औद्योगिक एवं तकनीकी के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा अकादमिक सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक एवं उभरती हुई तकनीकों के साथ जुड़ने तथा अपने तकनीकी कौशल को उद्योग एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के अवसर प्राप्त होंगे।यह एमओयू सी-डैक, दिल्ली एवं श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, मुजफ्फरनगर के बीच तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग के एक नए अध्याय का शुभारंभ है, जो विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए आधुनिक तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा।श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज की ओर से माननीय चेयरमैन डॉ. एस.सी. कुलश्रेष्ठ एवं निदेशक प्रो. (डॉ.) अश्वनी कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में इस सहयोग को संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।कार्यक्रम में डॉ. प्रेरणा मित्तल, प्राचार्या, डॉ. सौरभ मित्तल, वाइस प्रिंसिपल, डॉ. विनीत शर्मा, डीन, डॉ. अंकुर कुमार, रजिस्ट्रार, डॉ. सुचित्रा त्यागी, डीन, निशांत राठी, डीन कंप्यूटर एप्लीकेशंस सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों, समन्वयकों, विद्यार्थी स्वयंसेवकों एवं आयोजन समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

कोर विश्वविद्यालय हरिद्वार में धूमधाम से मनाया गया विश्व फार्मासिस्ट दिवस
हरिद्वार (रिपोर्टर)। कोर विश्यविद्यालय के कालेज ऑफ फार्मेसी में विश्व फार्मासिस्ट दिवस स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों का सशक्तिकरण थीम पर मनाया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा, रोगी सुरक्षा और जन स्वास्थ्य में फार्मासिस्टों की भूमिका को चर्चा की गयी। छात्रों ने जागरूकता रैली के माध्यम से स्वस्थ भारत रोगाणुरोधी प्रतिरोध से मुकाबले का संदेश






