हरिद्वार (रिपोर्टर)। हरिद्वार-ऋषिकेश की सांस्कृतिक यात्रा पर पहुंचे नोएडा के मयूर स्कूल एवं जर्मनी के छात्रों से पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें उत्तराखंड की भौगोलिक विविधता, सांस्कृतिक परंपराओं और मां गंगा की आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्ता से परिचित कराया। संवाद के दौरान छात्रों ने देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, गंगा नदी, भारतीय परंपराओं और यहां की जीवनशैली से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि उसकी विविधतापूर्ण संस्कृति, परंपराओं और समृद्ध विरासत से भी होती है। उत्तराखंड इस सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां हिमालय, गंगा, लोक परंपराएं और आध्यात्मिक चेतना एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। सांसद ने कहा कि सुदूर जर्मनी से आए युवाओं में भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जानने की उत्सुकता देखकर प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों और संस्कृतियों से आए विद्यार्थियों के बीच संवाद नई पीढ़ी को एक-दूसरे की विरासत, विचारों और जीवन पद्धतियों को समझने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक संवाद आपसी समझ, सम्मान और मैत्री की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत की वसुधैव कुटुम्बकम की भावना दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश देती है और इस प्रकार के कार्यक्रम इसी भावना को आगे बढ़ाते हैं। छात्रों ने भी हरिद्वार-ऋषिकेश की सांस्कृतिक यात्रा को अपने लिए ज्ञानवर्धक और यादगार अनुभव बताया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने उत्तराखंड की संस्कृति और मां गंगा से जुड़े विभिन्न विषयों को जानने में विशेष रुचि दिखाई।

कोर विश्वविद्यालय हरिद्वार में धूमधाम से मनाया गया विश्व फार्मासिस्ट दिवस
हरिद्वार (रिपोर्टर)। कोर विश्यविद्यालय के कालेज ऑफ फार्मेसी में विश्व फार्मासिस्ट दिवस स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों का सशक्तिकरण थीम पर मनाया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा, रोगी सुरक्षा और जन स्वास्थ्य में फार्मासिस्टों की भूमिका को चर्चा की गयी। छात्रों ने जागरूकता रैली के माध्यम से स्वस्थ भारत रोगाणुरोधी प्रतिरोध से मुकाबले का संदेश






