मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। चुनावी रंजिश में हत्या व जानलेवा हमले के मामले में पूर्व प्रधान के पति समेत सात आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट एक की पीठासीन अपर सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना सिवाच ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने प्रत्येक अभियुक्त पर 1.87 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया। वही एक आरोपी गन्ना सोसायटी के पूर्व चेयरमैन की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। कोर्ट ने अभियुक्तों पर लगाए अर्थदंड की धनराशि में से 25 प्रतिशत मृतक के वैधानिक उत्तराधिकारी व 25 प्रतिशत की धनराशि घायलों को समान रूप से देने के आदेश दिए है।
डीजीसी (फौजदारी) राजीव शर्मा, एडीजीसी अरूण कुमार जावला व वरिष्ठ अधिवक्ता अनोद बालियान ने बताया कि भोपा थाना क्षेत्र के गांव धीराहेड़ी निवासी जसवीर के परिवार के वेदपाल की पत्नी हरवीरी और महमूदपुर माजरा के बसंत की पत्नी ने पंचायत चुनाव लड़ा था, जिसमें हरवीरी हार गई थी। हरवीरी का समर्थन करने पर बसंत एवं उनके पक्ष के लोग चुनावी रंजिश रखते थे। 20 सितंबर 2000 को जसवीर सिंह ने भोपा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भतीजे जयविन्द्र के साथ रूपक और गौतम जनता इंटर कॉलेज भोपा से छुट्टी होने पर घर आ रहे थे। तीनों गांव धीराहेड़ी में धूम सिंह के मकान के सामने पहुंचे तो धूम सिंह, उसके लड़के गुलवीर, ओमवीर, अनिल, रविन्द्र, नवाब, प्रीतम, संजीव, पंकज, बसंत निवासी महमूदपुर माजरा ने रूपक और गौतम को पकड़ लिया। दोनों को पीटने के साथ खींचकर धूम सिंह के मकान में ले गए। जयविन्द्र ने घटना की जानकारी परिजनों को दी तो धर्मवीर, सत्यपाल, संजीव, सुरेन्द्र, लोटन सिंह, विनोद, रविन्द्र, धर्मपाल दोनों युवकों को छुड़ाने गए थे। यहां पर आरोपियों ने लाइसेंसी हथियारों फायरिंग की थी, जिसमें सभी लोग घायल हो गए। जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद घायल रविन्द्र और सत्यपाल को मेरठ रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में रविन्द्र ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने विवेचना के बाद 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (नंबर एक) की पीठासीन अपर सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना सिवाच की कोर्ट में हुई। इस मामले में गवाहों के कोर्ट में दिए गए बयान व पत्रावली पर उपलब्ध दस्तावेजीय साक्ष्य और दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट (नंबर एक) की पीठासीन अपर सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना सिवाच ने महमूदपुर माजरा निवासी पूर्व प्रधान पति बसंत समेत गांव धीराहेड़ी निवासी अनिल, रविन्द्र, नवाब, संजीव, पंकज व प्रीतम को हत्या व हत्या के प्रयास में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी पर विभिन्न आपराधिक धाराओं में कुल 1.87 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अर्थदंड की धनराशि में मृतक के उत्तराधिकारी को 25 प्रतिशत, घायलों को 25 प्रतिशत की धनराशि देने के आदेश दिए है। वही 50 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार के पक्ष में निहित करने के आदेश दिए है। मामले में गन्ना सोसायटी के पूर्व चेयरमैन धूम सिंह की मौत होने के बाद उसकी फाइल बंद कर दी गई थी, जबकि उसके पुत्र गुलवीर और ओमवीर को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने अभियुक्त अनिल, रविन्द्र, नबाव, संजीव, पंकज, प्रीतम व बसंत प्रत्येक को धारा 302 व सपठित धारा 149 भारतीय दण्ड संहिता के अपराध में आजीवन कारावास की सजा से व 1,00,000/- (एक लाख रूपए) के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। वहीं अनिल, रविन्द्र, नबाव, संजीव, पंकज, प्रीतम व बसंत प्रत्येक को धारा 307 व सपठित धारा 149 भारतीय दण्ड संहिता के अपराध में 10 वर्ष के कारावास की सजा से व 75,000/- (पिछत्तर हजार) रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।
–अभियुक्तअनिल, रविन्द्र, नबाव, संजीव, पंकज, प्रीतम व बसंत प्रत्येक को धारा 147 भारतीय दण्ड संहिता के अपराध में 01 (एक) वर्ष के कारावास की सजा से व 5,000 /- रूपए (पांच हजार रूपए) के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। अनिल, रविन्द्र, नबाव, संजीव, पंकज, प्रीतम व बसंत प्रत्येक को धारा 148 भारतीय दण्ड संहिता के अपराध में 02 (दो) वर्ष के कारावास की सजा से व 5,000/- रूपए (पांच हजार रूपए) के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। इसके अलावा अभियुक्त अनिल, रविन्द्र, नबाव, संजीव, पंकज, प्रीतम व बसंत प्रत्येक को धारा 342 सपठित धारा 149 भारतीय दण्ड संहिता के अपराध में 06 (छः) माह के कारावास की सजा से व 2,000/- रूपए (दो हजार रूपए) के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है।

कोर विश्वविद्यालय हरिद्वार में धूमधाम से मनाया गया विश्व फार्मासिस्ट दिवस
हरिद्वार (रिपोर्टर)। कोर विश्यविद्यालय के कालेज ऑफ फार्मेसी में विश्व फार्मासिस्ट दिवस स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों का सशक्तिकरण थीम पर मनाया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा, रोगी सुरक्षा और जन स्वास्थ्य में फार्मासिस्टों की भूमिका को चर्चा की गयी। छात्रों ने जागरूकता रैली के माध्यम से स्वस्थ भारत रोगाणुरोधी प्रतिरोध से मुकाबले का संदेश






