मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 25 से 27 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाली 25वीं हरियाणा स्टेट कराटे चैंपियनशिप में मुजफ्फरनगर के सिहान राजेश कौशिक को रैफरी एवं जज के रूप में टेक्निकल ऑफिशियल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रतियोगिता का आयोजन हरियाणा स्पोर्ट्स कराटे एसोसिएशन द्वारा किया जा रहा है, जो हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त है।
सिहान राजेश कौशिक डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स कराटे एसोसिएशन ऑफ मुजफ्फरनगर के जनरल सेक्रेटरी हैं। एसोसिएशन डिस्ट्रिक्ट ओलंपिक एसोसिएशन एवं उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स कराटे एसोसिएशन से संबद्ध है। सिहान राजेश कौशिक कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त ए ग्रेड नेशनल रैफरी एवं जज हैं। उन्हें इससे पहले भी ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी कराटे चैंपियनशिप तथा ऑल इंडिया पुलिस क्लस्टर गेम्स सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में टेक्निकल ऑफिशियल की जिम्मेदारी मिल चुकी है। खिलाड़ियों ने जीते हैं गोल्ड और सिल्वर मेडल
सिहान राजेश कौशिक ने बताया कि उनके मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण में तैयार किए गए खिलाड़ियों ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न कराटे प्रतियोगिताओं में गोल्ड एवं सिल्वर मेडल हासिल कर मुजफ्फरनगर का नाम रोशन किया है। कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में टेक्निकल ऑफिशियल की जिम्मेदारी मिलना जिले के कराटे खेल के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सिहान राजेश कौशिक ने कहा कि कराटे केवल खेल नहीं, बल्कि युवाओं के लिए बेहतर करियर का माध्यम भी बन सकता है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भारतीय सेना, पुलिस, रेलवे, इनकम टैक्स विभाग सहित विभिन्न क्षेत्रों में खेल कोटे के माध्यम से रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि खेल में सफलता के लिए केवल प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि सही प्रशिक्षण, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और उचित मार्गदर्शन भी बेहद जरूरी है। युवाओं को खेल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

शहर में ठप हुई पेयजलापूर्ति, कई क्षेत्रों में पानी न आने से हा-हाकार
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पालिका क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाली नगरपालिका के जलकल विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नए और पुराने ठेकेदारों के बीच चल रही खींचतान का खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ा और ट्यूबवेलों की स्वचालित संचालन व्यवस्था ठप हो जाने से करीब 24






